India V/S South Africa: खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2026) में टीम इंडिया रविवार को दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के खिलाफ सुपर-8 राउंड (Super-8 round) का आगाज करने जा रही है. दो राय नहीं कि तमाम पहलू भारत को दावेदार बना रहे हैं, तो दक्षिण अफ्रीका भी अभी तक अपराजेय रही है. इस मुकाबले को 'फाइनल से पहले का फाइनल' कहने की एक वजह यह भी है कि दोनों ही टीमों ने अपने चार-चार मैच जीतकर सुपर-8 राउंड के सफर में एक भी मुकाबला नहीं ही गंवाया है. न्यूजीलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की सहज जीत ने चेतावनी जारी कर दी है. आप फाइनल से पहले फाइनल के 4 और कारण जान लीजिए. और यह भी जानिए कि भारत का पलड़ा क्यों भारी है?
2. टीम सूर्यकुमार का सुपर से ऊपर दबदबा
साल 2024 में 29 जून को खेले गए फाइनल की तस्वीरें करोड़ों ताउम्र नहीं भूल पाएंगे. मतलब डेविड मिलर का सूर्यकुमार यादव का कैच..और दक्षिण अफ्रीका की कहानी खत्म. और तब से लेकर अभी तक दोनों देशों ने 8 टी20 मैच खेले हैं. टीम इंडिया ने 6 बार प्रोटीज को पटखनी दी है. लेकिन यह भी एक तथ्य है कि कोई भी टीम उतनी ही खतरनाक होती है, जितनी उसकी हालिया फॉर्म! इतिहास सिर्फ कागज पर ही मायने रखता है.
3. घायल शेर हैं दक्षिण अफ्रीकी!
सिर्फ 7 रन...सिर्फ 7! बस इसी अंतर से ब्रिजडाउन में साल 2024 के वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत से हार गया था भारत. काश! सूर्यकुमार वह कैच न पकड़ते! यह बात आज भी दिन विशेष पर दक्षिण अफ्रीकी कम से कम कई हजार बार बार बोलते होंगे. "अगर यादव वह कैच छोड़ देते, तो..", कुछ ऐसा ही भारतीयों के ज़हन में आता होगा. इस दक्षिण अफ्रीकी टीम का जख्म बहुत ही गहरा है. भारत को इससे सावधान रहना होगा. यह घायल शेर है!
4. मनोवैज्ञानिक लाभ, टीम सूर्यकुमार के हाथ!
'फाइनल से पहले फाइनल' की एक वजह यह भी है कि जो भी टीम जीतेगी, उसके हाथ में प्वाइंट्स के साथ ही बड़ा मनोवैज्ञानिक लाभ हाथ में होगा. सहीं कहें तो इसका ग्राफ ऊंचा जाएगा क्योंकि यह पहले से ही भारत के हाथ में है. वजह यह है कि अहमदाबाद में भारत का दबदबा रहा है.लेकिन तथ्य को जब लेकर चल ही रहे हैं, तो जो यहां जीतेगा, उसे (अगर टीम पहुंचती है) नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाने वाले सेमीफाइनल में भी फायदा मिलेगा.
5. काली मिट्टी अलग ही बोलती है!
बात यह है कि हालिया सालों में दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भी खुद को काली मिट्टी की पिच पर बहुत ही अच्छी तरह से ढाला है. कई मैचों में यह टीम मैच को रोमांच की हद तक ले गई है. इसके स्पिन खेलने के कौशल में सुधार हुआ है. यह बात इस मैच को रोमांचक बनाती है, तो यह मुकाबला टूर्नामेंट की दिशा तय करने जा रहा है. काली मिट्टी पिच की खास बात यह है कि पेसरों को स्पिनरों की तुलना में ज्यादा फायदा पहुंचाती है. ऐसे में हो सकता है कि भारत एक स्पिनर की जगह अतिरिक्त पेसर को XI का हिस्सा बना ले. कुल मिलाकर इस पहलू ने भी मैच को 'फाइनल से पहले फाइनल' बना दिया है.
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