'काफी हौसला मिलता है', भारत के खिलाफ हार कर भी क्यों खुश हैं सिकंदर रजा?

Sikandar Raza Zimbabwe Captain Statement After Defeat Against India: भारत के खिलाफ शिकस्त खाने के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा हमारी बल्लेबाजी ठीक रही, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में हम बेहतर कर सकते थे.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Sikandar Raza

भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मैच को 72 रन से गंवाने के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्वीकारा है कि मेहमान टीम अपनी रक्षात्मक योजनाओं को थोड़ा और बेहतर तरीके से लागू कर सकती थी. खिलाड़ी कुछ ज्यादा ही आक्रामक हो गए और गेंदबाजी में एकरूपता नहीं रही. एमए चिदंबरम स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 4 विकेट खोकर 256 रन बनाए. इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 184 रन ही बना सकी.

भारत के खिलाफ करारी हार के बाद जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा, 'मैं हमेशा सकारात्मक पहलुओं पर नजर रखने वाला इंसान हूं. इस मैच से मेरे लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात यह रही कि पिछले मैच (बनाम वेस्टइंडीज) में 250 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए हमारी बल्लेबाजी में घबराहट और जल्दबाजी दिखी थी. मैं हमेशा कहता हूं कि आप पहले छह ओवरों में मैच नहीं जीत सकते, लेकिन अगर बड़ा लक्ष्य हो तो आप उसे पहले छह ओवरों में हार जरूर सकते हैं. इस मुकाबले में मुझे लगा कि शुरुआती छह ओवरों में हम कहीं ज्यादा संयमित थे और खुद को मौका देने की कोशिश कर रहे थे. पिछली बार के मुकाबले लड़कों ने जिस तरह बल्लेबाजी की, उससे काफी हौसला मिलता है.'

अपनी टीम की गेंदबाजी को लेकर कप्तान ने कहा, 'मुझे लगता है कि हम अपनी रक्षात्मक योजनाओं को थोड़ा और बेहतर तरीके से लागू कर सकते थे. हम कुछ ज्यादा ही आक्रामक हो गए और गेंदबाजी में एकरूपता नहीं रही. सभी गेंदबाजों से मिला-जुला क्रियान्वयन देखने को मिला, जिससे विरोधी टीम को काफी रन मिल गए. एक बार जब रन-रेट उस रफ्तार में चली जाती है, तो उसे रोकना मुश्किल हो जाता है. अगर हम अपनी रक्षात्मक योजनाओं को बेहतर ढंग से निभाते, तो शायद उन्हें 210–220 के आसपास रोक सकते थे, और वहां से कुछ भी हो सकता था.'

कप्तान ने टीम के प्रदर्शन को लेकर कहा, 'हमारी बल्लेबाजी ठीक रही, लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग में हम बेहतर कर सकते थे. पिछला मैच हमें सिखा गया कि बड़े लक्ष्य का पीछा कैसे करना है, और आज वह सीख नजर आई. हम अभी भी निर्माण की प्रक्रिया में हैं. टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, ज्यादातर अपने पहले वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं और हमारे लिए भारत में भी यह पहला अनुभव है. मैं इसे बहाना नहीं बना रहा, लेकिन बल्लेबाजी के लिहाज से हमने पिछली बार की सीख को अच्छी तरह अपनाया. आप देख सकते हैं कि ये लड़के कितनी जल्दी सुधार करना चाहते हैं.'

जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 के शुरुआती दोनों मैच गंवाने के बाद सेमीफाइनल की रेस से बाहर है. यह टीम 1 मार्च को टूर्नामेंट का अपना अंतिम मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी. आगामी मुकाबले को लेकर कप्तान रजा ने कहा, 'नतीजा अपने आप सामने आ जाएगा, लेकिन मैं बेहतर प्रदर्शन देखना चाहता हूं, खासकर फील्डिंग और गेंदबाजी में. उम्मीद है कि बल्लेबाजी का ग्राफ ऊपर ही जाएगा. अगर हम क्वालिफाइंग चरणों की तरह तीनों विभाग, बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग को साथ जोड़ पाते हैं, तो जीत का सबसे अच्छा मौका बनता है. वर्ल्ड कप में शीर्ष टीमों के खिलाफ तीनों विभागों का मजबूत होना जरूरी है. अगर एक भी कमजोर पड़ जाए, तो मैच हाथ से निकल जाता है. उम्मीद है कि आखिरी मैच में हम मैदान पर सब कुछ झोंक देंगे और तीनों विभागों में बेहतर तालमेल दिखाएंगे.'

यह भी पढ़ें- T20 World Cup: जिस चीज से भागते हैं सभी गेंदबाज, वहीं अनचाहा रिकॉर्ड शिवम दुबे के नाम जुड़ा

Advertisement
Featured Video Of The Day
इज़रायल पहुंचते ही Netanyahu की किस बात पर जोर से हंस पड़े PM मोदी?
Topics mentioned in this article