बेलफास्ट से शुरू हुई कहानी ब्रिस्टल में भी जारी रही और भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय में 9 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. ब्रिटेन दौरे पर 6 मैचों के बाद भी भारत को पहली जीत का इंतजार है. आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से हार झेलने के बाद उम्मीद थी कि टीम इंडिया वापसी करेगी, लेकिन स्क्रिप्ट में बिल्कुल भी बदलाव नहीं आया. नतीजा पहले आयरलैंड ने भारत के खिलाफ अपनी पहली टी20 सीरीज जीती और अब इंग्लैंड ने. दो या उससे अधिक मैचों की सीरीज में पहली बार इंग्लैंड ने भारत को हराया है. भारतीय टी20 टीम का कप्तान बनने के बाद श्रेयस अय्यर को अपनी पहली जीत का इंतजार है. भारत ने गुरुवार को पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 158 का स्कोर टांगा था, लेकिन यह काफी नहीं हुआ और इंग्लैंड ने सिर्फ 13.5 ओवर में इसे हासिल कर लिया. टीम इंडिया के कप्तान श्रेयस अय्यर, जिन्हें बतौर कप्तान अभी भी अपनी पहली जीत का इंतजार है, ने माना कि यह टोटल काफी नहीं था. साथ ही उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने प्लान के हिसाब से बॉलिंग नहीं की.
काउंटी ग्राउंड मुकाबले में भारत को मिली हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कहा,"फिर से, यह निराशाजनक रहा. निश्चित रूप से, 158 बोर्ड पर सही टोटल नहीं था. और आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी चेज़ किया."
जब उनसे पूछा गया कि पिछले मुकाबले में हार के बाद क्या प्लान बना था, इस पर उन्होंने बताया कि गेंदबाजों को मिडिल और लेग स्टंप पर लेंथ बॉल करनी थी. कप्तान अय्यर ने कहा,"जब हम बॉलिंग करने आए, तो मैंने अपने बॉलर्स से कहा कि वे जितना हो सके लेंथ को दोहराएं क्योंकि मिडिल-स्टंप और लेग-स्टंप के ऊपर से बाउंड्री मारना और रन बनाना बहुत मुश्किल था. इसलिए मुझे लगता है कि हम अपने एग्जीक्यूशन के मामले में थोड़े पीछे रह गए. और, हां, हमने देखा कि जब हम पेस बदल रहे थे, जब हम कुछ और करने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्होंने उन लूज़ बॉल्स पर रन बनाए."
भले ही टीम इंडया यह मुकाबला ना जीत पाई, लेकिन कप्तान अय्यर ने अर्धशतक लगाया. जब टीम इंडिया 48 के स्कोर पर 3 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी, तब अय्यर ने एक छोर संभाला और 49 गेंदों में चार चौके और 5 छक्कों के दम पर 80 रनों की पारी खेली.
अपने प्रदर्शन पर बोलते हुए उन्होंने कहा,"मैं अपनी परफॉर्मेंस से बिल्कुल खुश हूं, लेकिन देखिए, अगर यह जीतने वाली वजह से नहीं है, तो यह बस टीम के पास चला जाता है. इस बात से निराश हूं क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं, मैं अच्छा परफॉर्म करना चाहता हूं और यह देखना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते. लेकिन बदकिस्मती से, आज वह दिन नहीं था. अगले गेम का पूरा इंतजार करूंगा."
श्रेयस ने माना कि टीम इंडिया बदलाव के दौर से गुजर रही है और ऐसी गलतियां हो सकती हैं. उन्होंने कहा,"यह बदलाव का दौर है और हम बहुत सारी गलतियां करेंगे. आप देखेंगे कि बहुत से युवा खिलाड़ी पहली बार इन हालात में यहां खेल रहे हैं. इसलिए गलतियां उन्हें ज़रूर एहसास कराएंगी कि विदेशी हालात में ढलना और उस बारे में जानकारी रखना कितना ज़रूरी है."
वहीं भारत की हार पर उन्होंने आगे कहा,"यह ज़रूरी है कि आप अपनी गलतियों से जल्दी सीखें ताकि टीम को भी आखिर में इसका फ़ायदा मिले. और मुझे यकीन है कि टीम में जल्दी सीखने वाले लोग हैं. मुझे यकीन है कि वे खुद को जाँचेंगे और अगले गेम में और मज़बूत होकर वापसी करेंगे."