T20 World Cup 2026 में आज बुधवार को इडेन गार्डन में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड (South Africa vs New Zealand) मुकाबले के साथ ही मेगा इवेंट अपने सबसे बड़े नॉकाउट मुकाबले के लिए तैयार है. पहले दो सेमीफाइनल और फिर खिताबी टक्कर यानी फाइनल. बहरहाल, आखिरी तीन मैचों के लिए ग्रुप स्टेज और सुपर-8 राउंड (Super-8 Round) के मुकाबले कुछ नियम भी बदलेंगे. भले ही बदलने वाले ये नियम संख्या में कम हों, लेकिन मैच के लिहाज से बहुत ही ज्यादा अहम हैं. चलिए आप डिटेल से जानिए वर्ल्ड कप के आखिरी 3 मेगा मुकाबले नियमों को देखते हुए अभी तक खेले गए मैचों से कितने अलग हैं.
रिजल्ट के लिए इतने ओवर का खेल जरूरी
ग्रुप स्टेज और सुपर-8 राउंड में मैच का परिणाम निकालने के लिए दोनों टीमों के बीच कम से कम 5 ओवरों का मैच अनिवार्य था, लेकिन आखिरी तीन मैच या सबसे बड़े नॉकआउट मैचों में 'खेल की निष्पक्षता' सुनिश्चित करने के लिए यह सीमा अधिक रखी गई है. आखिरी तीन मेगा मैचों में परिणाम हासिल करने के लिए दोनों टीमों को कम से कम 10 ओवर (जब तक कोई टीम ऑलआउट न हो जाए) खेलने होंगे. यदि टीम दस ओवर पूरे नहीं कर पाती है, तो मैच रिजर्व-डे में चला जाएगा.
एक्स्ट्रा टाइम इन मैचों में ज्यादा मिलेगा
मैच के मूल दिन खेल को पूरा कराने के लिए अधिकारियों को निर्धारित समय के बाद अतिरिक्त 90 से 120 मिनट तक का समय मिलेगा. वहीं, प्रत्येक सेमी‑फाइनल और फाइनल के लिए एक अलग रिज़र्व डे निर्धारित किया गया है. मैच जारी रखने का नियम: रिजर्व डे पर मैच की दोबारा शुरुआत नहीं होगी. खेल वहीं से दोबारा शुरू किया जाएगा जहाँ मूल दिन पर उसे रोका गया था (वही स्कोर, वही गेंद, वही विकेट).
नॉकआउट मैचों में रिजर्व-़डे की सुविधा
सुपर 8 राउंड में मैच बारिश के कारण उसी दिन रद्द हो जाता था, लेकिन आखिरी तीन मेगा नॉकआउट मैचों में ऐसा नहीं होगा. सेमीफाइनल और फाइनल में यह 'रोलिंग शेड्यूल' के हिसाब से लागू होगा. मतलब अगर पहले दिन उदाहरण के तौर पर मैच बारिश के कारण 6.1 ओवर पर रुक जाता है. ऐसे में अगले रिजर्व-डे मैच 6.2 ओवर से शुरू होगा. जो गेंदबाज पहले दिन स्ट्राइक पर था, वहीं स्ट्राइक लेगा और जो गेंदबाज बॉलिंग कर रहा था, वहीं गेंदबाजी करेगा.
शुरुआती समय: यदि कोई मैच रिज़र्व डे पर जाता है, तो वह आमतौर पर पहले शुरू किया जाता है (जैसे 7:00 PM IST की बजाय 3:00 PM IST), ताकि ज्यादा से ज्यादा दिन के उजाले और अतिरिक्त 120 मिनट के बफर समय का पूरा उपयोग किया जा सके.
सुपर ओवर जारी रहेगा
जाहिर है कि मुकाबले आर-या पार के होंगे. और ऐसे में सुपर- ओवर न हो, ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता. कौन जानता है कि किस मैच में कब सुपर-ओवर की जरूरत पड़ जाए. आखिरी तीनों नॉकआउट मैचों में सुपर-ओवर जारी रहेंगे.
DRS (डिसीजन रिव्यू सिस्टम)
ग्रुप स्टेज और सुपर-8 राउंड सहित दोनों ही टीमों को हर पारी में 2 रिव्यू मिलेंगे. इसमें एलबीडब्ल्यू, कैच, बल्ले के किनारे को छूने को सुनिश्चित करना, बॉल ट्रैकिंग आदि शामिल रहता है.
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