- रिंकू सिंह ने एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ चौका लगाकर भारतीय टीम को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई थी
- न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी20 मैच में रिंकू ने नाबाद 44 रन बनाकर टीम इंडिया को 239 रन का लक्ष्य दिया
- रिंकू की तेज़ और सटीक बल्लेबाज़ी ने एमएस धोनी के फ़िनिशिंग अंदाज़ की याद दिलाई है
क़रीब चार महीने पहले दुबई में हुए एशिया कप के फ़ाइनल में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ टीम इंडिया का विजयी चौका रिंकू सिंह के बल्ले से आया. उस फ़ाइनल में रिंकू को 19.3 ओवर के बाद बैटिंग का मौक़ा मिला. रिंकू ने हैरिस राउफ़ की पहली गेंद का सामना करते हुए उस हाई वोल्टाज फ़ाइनल में चौका लगाकर भारतीय फ़ैन्स का दिल जीत लिया. दुबई में खेले गए फ़ाइनल से पहले NDTV से बात करते हुए रिंकू ने कहा था, “मौक़ा मिला तो ज़रूर अच्छा खेलूंगा.” मौक़ा आया तो रिंकू साबित करने से नहीं चूके. IPL हो, सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट हो या अंतर्राष्ट्रीय टी-20 अलीगढ़ के रिंकू शानदार फ़िनिशर साबित हुए हैं.
फ़िनिशर धोनी की याद ताज़ा
नागपुर में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ रिंकू सिंह 14वें ओवर में बैटिंग के लिए उतरे, जब भारत का स्कोर 5 विकेट पर 166 रन था. रिंकू ने पहले 10 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ़ एक चौका लगाया. लेकिन अगले 10 गेंदों में उन्होंने 3 चौके और 3 छक्के लगाकर 20 गेंदों पर नाबाद 44 रन बना डाले.
रिंकू के 44 रनों के सहारे भारत ने न्यूज़ीलैंड के सामने 239 का लक्ष्य रख दिया. आख़िरी ओवर में तो रिंकू ने डैरिल मिचेल को 2 छक्के और 2 चौके लगाए और 20वें ओवर में 21 रन बटोरे.
रिंकू की इस पारी ने वर्ल्ड कप से पहले फ़िनिशर एमएस धोनी के तेवर की याद ताज़ा कर दी. धोनी से किसी भी खिलाड़ी की तुलना करना सही नहीं. लेकिन सिर्फ़ समझने के लिए रिंकू के आंकड़े धोनी को भी मायूस नहीं करेंगे. बड़ी बात ये है कि रिंकू की इस पारी ने कप्तान SKY और टीम मैनेजमेंट की एक बड़ी मुश्किल का जैसे हल ढ़ूंढ लिया है.
अंतर्राष्ट्रीय टी-20 में प्रदर्शन
| मैच | रन | 4/6 | 50/100 | औसत | SR |
| एमएस धोनी (98) | 1617 | 116/52 | 0/2 | 38 | 126 |
| रिंकू सिंह (36) | 594 | 50/34 | 0/3 | 42 | 162 |
घरेलू मैचों में भी चमके, तभी बनी जगह
रिंकू ने ये जगह अपने कनसिस्टेंट पारियों के सहारे हासिल की है. लगातार बेंच पर रहने के बावजूद उन्होंने अपनी प्रैक्टिस जारी रखी और मौक़े की ताक में घात लगाये रखे. पिछली 10 घरेलू मैचों में उनके नाम 3 अर्र्धशतकीय पारियां और 1 शतक है. इन 10 पारियों में वो 4 बार नॉट आउट भी रहे हैं.
घरेलू मैचों में उत्तर प्रदेश के कप्तान के तौर पर उन्होंने पांचवें नंबर पर बैटिंग करते हुए शतकीय पारी खेली. 36 अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैचों में 594 रन, 42 से ज़्यादा के औसत और 160 प्लस के स्ट्राइक रेट के साथ वो टीम इंडिया के परफ़ेक्ट फ़िनिशर नज़र आते हैं.
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