Ravichandran Ashwin on Ricky Ponting Sad Image and PBKS Lose vs RCB: आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद पंजाब किंग्स (PBKS) की प्लेऑफ की राह लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है. लगातार छठी हार के बाद जहां टीम के भीतर भारी निराशा है, वहीं भारत के दिग्गज स्पिनर और पंजाब किंग्स के पूर्व कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने कोच रिकी पोंटिंग के डगआउट में अकेले बैठे रहने वाले दृश्य पर अपनी बड़ी प्रतिक्रिया दी है. अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ('ऐश की बात') पर बात करते हुए कहा कि धर्मशाला के खूबसूरत पहाड़ों के सामने मैच खत्म होने के बाद पोंटिंग का आगे की तरफ झुककर बेंच पर अकेले बैठे रहना एक बेहद 'ताकतवर' और भावुक कर देने वाली तस्वीर थी.
उन्होंने कहा कि पोंटिंग के दिमाग में इस समय बहुत कुछ चल रहा होगा, क्योंकि यह टीम टूर्नामेंट की शुरुआत में टॉप-दो में जगह बनाने के लिए सबसे मजबूत स्थिति में थी.अश्विन ने टीम की इस दुर्दशा के लिए किसी खिलाड़ी को दोष देने के बजाय मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाए. पोंटिंग और कप्तान श्रेयस अय्यर के प्रति अपनी हमदर्दी जताते हुए अश्विन ने याद किया कि साल 2018 में जब वे पंजाब के कप्तान थे, तब वे भी इसी दर्दनाक स्थिति से गुजर चुके हैं.
उन्होंने पंजाब की सबसे बड़ी गलती को उजागर करते हुए कहा कि दुनिया की कोई भी चैंपियन टीम सीजन के बीच में अपने घरेलू मैदान (Home Ground) बार-बार नहीं बदलती. जब पंजाब की टीम मुल्लांपुर के मैदान पर लगातार मुकाबले जीत रही थी, तो अचानक लीग के सबसे अहम मोड़ पर धर्मशाला शिफ्ट होने का फैसला उनके खिलाफ चला गया. पंजाब ने धर्मशाला में अपने लगातार तीन 'होम मैच' गंवा दिए, जिसने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया. अश्विन के मुताबिक, होम एडवांटेज खोना ही पंजाब की इस नाकामी की सबसे मुख्य वजह रही.
आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स (PBKS) की लगातार छठी हार के बाद भारत के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने फ्रेंचाइजी के मालिकों पर तीखा हमला बोला है. अश्विन ने पंजाब किंग्स के दो अलग-अलग घरेलू मैदान (मुल्लांपुर और धर्मशाला) रखने के फैसले की कड़ी आलोचना की. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब के मालिकों ने टीम की 'क्रिकेट से जुड़ी जरूरतों' के ऊपर अपनी 'व्यावसायिक जरूरतों' (बिजनेस) को तरजीह दी, जिसका खामियाजा अब खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है.
अश्विन के मुताबिक, मुल्लांपुर और धर्मशाला की पिचों के मिजाज, गति और उछाल में जमीन-आसमान का अंतर है. भले ही दोनों जगह एक जैसी मिट्टी का इस्तेमाल हुआ हो, लेकिन धर्मशाला की भौगोलिक ऊंचाई (Altitude) के कारण गेंद का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है, जिसके चलते युवा और विदेशी खिलाड़ी परिस्थितियों से तालमेल नहीं बिठा पाए और पंजाब के लिए यह अपने ही घर में एक बाहरी मैच (Away Game) जैसा हो गया.अश्विन ने मुल्लांपुर के मैदान का उदाहरण देते हुए कहा कि सीजन की शुरुआत से पहले पंजाब के खिलाड़ियों ने वहां कड़ा अभ्यास किया था और वे उस विकेट को इतनी अच्छी तरह जानते थे कि उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 220 रनों के विशाल स्कोर का भी सफलतापूर्वक बचाव कर लिया था.
उन्होंने फ्रेंचाइजी को नसीहत देते हुए कहा कि केवल पिच तैयार कर देना काफी नहीं होता, बल्कि खिलाड़ियों का वहां की परिस्थितियों के अनुकूल ढलना सबसे ज्यादा जरूरी है. अश्विन ने निराशा जताते हुए कहा, "अगर फ्रेंचाइजी को मैदान बदलने से केवल बिजनेस का फायदा देखना है तो ठीक है, लेकिन अगर आप सच में टूर्नामेंट जीतना और प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करना चाहते हैं, तो आप अपने घरेलू मैदान को छोड़ने जैसी रणनीतिक गलती करने का जोखिम कभी नहीं उठा सकते. अगर पंजाब धर्मशाला में अपने इन मैचों में से एक भी मुकाबला जीत जाता, तो आज उनके समीकरण कुछ और होते. इस समय मुख्य कोच रिकी पोंटिंग और कप्तान श्रेयस अय्यर का परेशान होना बिल्कुल स्वाभाविक है.
"पंजाब किंग्स के लिए अब आगे की राह और भी ज्यादा कठिन हो गई है, क्योंकि लीग स्टेज के अपने आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण मुकाबले में उन्हें लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) का सामना करना है. इकाना स्टेडियम की पिच अपनी धीमी प्रकृति और टर्न के लिए जानी जाती है, जहां बल्लेबाजों के लिए रन बनाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है. लगातार छह हार झेल चुकी पंजाब की टीम के लिए ऐसी मुश्किल पिच पर वापसी करना और प्लेऑफ की धुंधली उम्मीदों को जिंदा रखना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा.














