Jammu-Kashmir, Ranji Trophy 2025-26: खेल जगत की कहानियां बहुत ही खूबसूरत होती हैं. और खूबसूरती के अलग-अलग आयाम होते हैं. क्रिकेट भी अछूता नहीं है. कई खूबसूरत कहानियों-किस्सों से भरा हुआ है. इसकी कड़ी में नया नाम है जम्मू-कश्मीर से आने वाले और 'बारामूला एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर हो चुके मीडियम पेसर आकिब नबी का. इतिहास पिछले करीब 65 साल (रणजी ट्रॉफी में पहली बार 1959-60 में भागीदारी) में पहली बार जम्मू-कश्मीर ने रचा है,कुछ ऐसा ही आकिब नबी (Auqib Nabi) ने किया है. जो बड़े-बडे़ नाम नहीं कर सके, वह आकिब ने कर दिखाया.
कई बड़े नाम न पहले कर सके,न ही इस सीजन में
आकिब नबी निश्चित तौर पर जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक और खिताबी जीत में सबसे बड़े हीरो रहे.खत्म हुए रणजी ट्ऱॉफी सीजन में टीम इंडिया में वापसी करने में जुटे मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मोहिसन खान, शाहबाज अहमद सहित कई बड़े नाम खेल रहे थे, लेकिन आकिब नबी खत्म हुए रणजी ट्ऱॉफी सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर बॉलरों के 'किंग' साबित हुए. मतलब हर पारी में तीन विकेट. आकिब का यह प्रदर्शन तमाम दिग्गजों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. यह ऐसा प्रदर्शन है, जो वर्तमान में सीजन में ही नहीं, बल्कि पिछले कई सीजन में खेल चुके कई बड़े नाम नहीं ही कर सके. जिस अंदाज में नबी ने टीम इंडिया के स्टार केएल राहुल और घरेलू दिग्गज करुण नायर के विकेट लिए, वह चर्चा का विषय बना हुआ है. यही वजह है कि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली सहित तमाम बड़े नाम अभी से ही उन्हें इंग्लैंड दौरे में टीम में जगह देने की वकालत रहे हैं. लेकिन इस सबके बीच सबसे रुचिकर सवाल यही है कि आखिर नबी की सफलता का राज़ क्या है.
डेल स्टेन को बनाया द्रोणाचार्य!
आकिब नबी ने राज्य में बिना ज्यादा सुविधाओं के बावजूद अपने कौशल पर काम किया.पठान को आदर्श मानने वाले नबी ने टीवी पर दक्षिण अफ्रीका के के दिग्गज डेल स्टेन के वीडियो देखकर उनकी तरह ही अपनी तीखी आउट-स्विंग पर काम किया. लेकिन उनके स्तर को ऊपर ले जाने पर अहम योगदान रहा राजस्थान रणजी टीम के कोच और भारत के लिए खेल चुके पूर्व लेफ्टी पेसर पी. कृष्णकुमार का. उन्होंने नबी की आर्ट पर खासा काम किया और इसका फायदा यह मिला कि नबी की इनस्विंग भी आउटस्विंग की तरह की धारदार हो गई. इन स्विंग वह तीर है, जो नबी ने पिछले 5 साल में ही अपने तरकश में जोड़ा है. और वर्तमान में यह कितनी असरदार बन चुकी है, यह कर्नाटक के लिए 160 रन की पारी खेलने वाले कप्तान मयंक अग्रवाल के आउट होने में साफ देखा जा सकता है














