Mukul Choudhary on MS Dhoni and his father: आईपीएल 2026 के 15वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्सको 3 विकेट से हराया। एलएसजी की इस जीत के नायक 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी रहे. मुकुल ने कहा कि यह मेरे लिए नाम बनाने का मौका था और मैं बस अंत तक क्रीज पर टिके रहना चाहता था. एलएसजी को जीत दिलाने के बाद उन्होंने कहा, "मेरे पिता का सपना था कि उनका बेटा क्रिकेट खेले. मैंने एज-ग्रुप लेवल पर खेलना शुरू किया, लेकिन सिक्किम में अच्छी एकेडमी नहीं थी, मैंने दिल्ली और गुड़गांव में मैच खेले और उससे मुझे काफी मदद मिली.जब मैं अंडर-19 में यूपी के खिलाफ खेल रहा था, तो वह एक लो-स्कोरिंग मैच था और मैंने उसमें अहम योगदान दिया, तभी उन्हें यकीन हो गया था कि मैं आगे चलकर कुछ बड़ा करूंगा. वह मेरा सिर्फ दूसरा ही मैच था."
उन्होंने आगे कहा, "भगवान ने मुझे यह मौका दिया है; इसमें दबाव तो हो सकता है, लेकिन यह अपना नाम बनाने का एक बेहतरीन मौका भी था.. मेरा लक्ष्य था कि मैं आखिर तक बैटिंग करूं और देखूं कि क्या होता है. मुझे अपना पहला छक्का भी बहुत पसंद आया. मैंने पिछले दो मुकाबलों में एक भी छक्का नहीं लगाया था, इसलिए यह पहला छक्का मेरे लिए बहुत खास था. मेरे मन में यह बात साफ थी कि चार गेंदों में से कोई एक गेंद तो मेरे जोन में आएगी ही, और मैं बस उसी का इंतजार कर रहा था. बचपन से ही मुझे जमीन के सहारे खेलने के बजाय छक्के लगाना ज्यादा पसंद है."
पिता और धोनी को किया डेडिकेट
इसके अलावा अपनी इस यादगार पारी को मुकुल ने अपने पिता और धोनी को समर्पित किया. मुकुल ने कहा कि, "मैं यकीनन इस पारी को अपने पिता को डेडिकेट करूंगा, क्योंकि यह उनका सपना था कि मैं क्रिकेट खेलूं." मुकुल ने कहा कि, जब मेरे पापा की शादी भी नहीं हुई थी तो उन्होंने यह सपना देखा था कि बेटा होगा तो उसे क्रिकेटर बनाऊंगा, इसके अलावा मैं हमेशा धोनी को देखते आया हूं कि वो कैसे मैच को फिनिश करते हैं. मैं भी उनके जैसा ही मैच को फिनिश करना चाहता हूं, मैं इस पारी को उन दोनों समर्पित करना चाहूंगा.
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मैच की बात करें तो कोलकाता नाइट राइडर्स से मिले 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की शुरुआत अच्छी रही. पहले विकेट के लिए मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने मिलकर 41 रन जोड़े. मार्करम 22 रन बनाकर आउट हुए, जबकि मार्श 15 रन ही बना सके. कप्तान ऋषभ पंत फ्लॉप रहे और 10 रन बनाकर आउट हुए. निकोस पूरन भी सस्ते में पवेलियन लौटे। आयुष बदोनी ने 34 गेंदों में 7 चौके और 2 छक्कों की मदद से 54 रन बनाए. 128 के स्कोर पर एलएसजी एक समय पर मुश्किल में दिख रही थी.
हालांकि, इसके बाद 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने मोर्चा संभाला और उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों का सामना करते हुए 54 रनों की नाबाद पारी खेली. अपनी इस इनिंग में मुकुल ने 2 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के लगाए. 200 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए मुकुल ने मैच को केकेआर के जबड़े से छीन लिया. उन्होंने आठवें विकेट के लिए आवेश के साथ मिलकर 54 रनों की अटूट साझेदारी निभाई और लखनऊ सुपर जायंट्स को 3 विकेट से जीत दिलाई.
इससे पहले, केकेआर ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 181 रन लगाए। अजिंक्य रहाणे ने 41 रन बनाए, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने 33 गेंदों में 45 रन बनाए. वहीं, कैमरून ग्रीन ने 24 गेंदों में 32 रन बनाए, तो रोवमैन पॉवेल ने 24 गेंदों में 39 रनों की नाबाद पारी खेली. ग्रीन और पॉवेल ने 40 गेंदों में 70 रनों की साझेदारी निभाई.
(IANS के इनपुट के साथ)














