Sunil Gavaskar's big statement: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की हालत बहुत पतली है. तीन में से 2 मैच गंवाकर टीम नंबर 8 पर, तो कप्तान अजिंक्य रहाणे अटपटे फैसले को लेकर निशाने पर हैं. बल्लेबाजों से मिड्ल ओवर संभल नहीं रहे, तो अब उसके सब महंगे क्रिकेट कैमरून ग्रीन को लेकर विवाद ने गति पकड़ ली है, जो बॉलिंग करने में समर्थ नहीं है, तो बल्ला उनका काम नहीं कर रहा है. इसी को लेकर महान दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने विदेशी खिलाड़ियों पर निशाना साधा है. सनी ने BCCI से ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है, जो अपनी 'पूर्णकालिक' भूमिका के अनुसार परफॉर्म नहीं करते, लेकिन पैसा पूरा वसूलते हैं. एक पत्रिका के लिए लिखे कॉलम में सनी ने सवाल उठाते हुए ऑलराउंडरों के विशुद्ध बल्लेबाज तौर पर खेलने के चलन पर सवाल खड़ा किया.
गावस्कर ने कहा, 'एक बॉलर केवल चार ही ओवर पेंक सकता है. फिर क्या बात है, जो उन्हें ऐसा करने से रोक रही है? अगर आप फिट नहीं हैं, तो मत खेलिए', पूर्व बल्लेबाज साफ करते हुए कहा, 'जो खिलाड़ी फिट नहीं हैं, उन्हें टूर्नामेंट शुरू होने से पहले अलग हो जाना चाहिए. यह बात एकदम सही है कि जो खिलाड़ी फिट नहीं है, तो उसे पहले दिन से टूर्नामेंट से अलग होना चाहिए. और फ्रेंचाइजी को किसी और खिलाड़ी को चुनने का मौका देना चाहिए.' गावस्कर ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया कि फ्रेंचाइजी को इस बारे में पहले से सूचना दी गई थी.
गावस्कर ने लिखा, 'यह ठीक बात नहीं है कि फ्रेंचाइजी को पूर्व में सूचना दे गई थी.' गावस्कर ने इस केस की टाइमिंग और खुलासे की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाया. दरअसल इस बारे में सवाल पूछने पर कप्तान अजिंक्य रहाणे के क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछने की बात कहने पर CA ने कहा था कि इस बाबत फ्रेंचाइजी को सूचित कर दिया गया था. गावस्कर का बयान ऐसे समय आया है, जब केकेआर और हैदराबाद जैसी टीमें अपने गेंदबाजी संयोजन को लेकर संघर्ष कर रह हैं. और उसके मुख्य खिलाड़ी बॉलिंग के लिए उपलब्ध नहीं हैं.
सनी ने इस तरह के मामलों में BCCI से सख्त हस्तक्षेप की मांग की. इसके लिए गावस्कर ने नीलामी में खरीदे जाने के बाद टूर्नामेंट से हटने के लिए दो साल के प्रतिबंध का हवाला देते हुए कहा, 'हो सकता है कि बीसीसीआई को इसमें दखल देने की जरूत है. बोर्ड को ऐसे खिलाड़ियों के लिए नियम बनाने की जरूरत है, जो पहले ही मैच से उपलब्ध नहीं रहते.' उन्होंने जोर देते हुए कहा, 'फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों में बहुत ही ज्यादा निवेश करती हैं. ऐसे में यह उनके पूर्ण समर्पण की हकदार हैं'
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