History Repeat, History Defeat...रोहित शर्मा के इस फॉर्मूले से ही चैंपियन बन पाएगी टीम इंडिया!

टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और न्यूजीलैंड 2007, 2016 और 2021 में तीन बार भिड़ चुके हैं और तीनों बार जीत किवियों की हुई. यानी आंकड़े साफ कहते हैं, 3-0 का रिकॉर्ड भारत के खिलाफ है.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
IND vs NZ Final
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • टी20 वर्ल्ड कप में भारत आज तक न्यूजीलैंड को नहीं हरा पाया- रिकॉर्ड 3-0 से किवी टीम के पक्ष में है.
  • न्यूजीलैंड इस टूर्नामेंट में बेहद मजबूत फॉर्म में है और सेमीफाइनल में शानदार जीत के साथ फाइनल में पहुंचा.
  • भारत के पास घरेलू मैदान और मजबूत टीम है, लेकिन दबाव भी उसी पर सबसे ज्यादा होगा.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

क्रिकेट की दुनिया की नजरें आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं, जहां भारत और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे. कागज पर देखा जाए तो टीम इंडिया मजबूत दिखती है- घरेलू मैदान, शानदार फॉर्म और करोड़ों फैंस का समर्थन. लेकिन जब इतिहास की किताब खोली जाती हैं तो एक आंकड़ा भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की पेशानी पर चिंता की लकीरें पैदा कर देता है, यह बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा भी है क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप में भारत आज तक न्यूजीलैंड को हरा ही नहीं पाया है. यही वजह है कि यह मुकाबला सिर्फ एक फाइनल नहीं, बल्कि इतिहास तोड़ने की लड़ाई बन गया है. लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने जीत का खास फॉर्मूला भी दिया है. ये फॉर्मूला है 'इतिहास को दोहराने का और इतिहास को हराने का'.

दरअसल रोहित शर्मा का एक प्रोमो वीडियो काफी वायरल है. इस वीडियो में वो टीम को जीत का फॉर्मूला देते दिख रहे हैं. वो कहते हैं 'इतिहास दोहराने का समय आ गया है. इतिहास को हराने का समय आ गया है.' वो बताते हैं कि आईसीसी के इतिहास में आज तक कोई डिफेंडिंग चैंपियन और हॉस्ट वर्ल्ड कप नहीं जीता है.. इस बार टीम इंडिया इस इतिहास को हराएगी. वहीं 2024 में जीत का इतिहास फिर से दोहराएगी.

सबसे बड़ा सवाल: क्या टूटेगा किवी जिंक्स?

टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और न्यूजीलैंड तीन बार भिड़ चुके हैं. 2007, 2016 और 2021. और तीनों बार जीत न्यूजीलैंड की हुई. यानी आंकड़े स्पष्ट रूप से गवाही देते हैं कि 0-3 से  रिकॉर्ड भारत के खिलाफ है. क्रिकेट में कई बार ऐसे जिंक्स होते हैं जो टीमों के मनोविज्ञान पर असर डालते हैं. भारत के लिए न्यूजीलैंड लंबे समय से वही टीम रही है जो बड़े टूर्नामेंटों में रास्ता रोकती रही है. इसी वजह से इस मैच को सिर्फ फाइनल नहीं बल्कि किवी जिंक्स बनाम टीम इंडिया कहा जा सकता है. 

Advertisement

न्यूजीलैंड की टीम अक्सर बड़े टूर्नामेंटों में अंडरडॉग मानी जाती है, लेकिन यही उनकी ताकत भी है. टीम की सबसे बड़ी खासियत है उसका अनुशासन, उसकी शांत मानसिकता और बड़े मैचों में जीत चुरा ले जाने का उसका अनुभव. किवी कप्तान मिचेल सैंटनर ने भी साफ कहा है कि उनका लक्ष्य भारत की घरेलू भीड़ को खामोश करना है. न्यूजीलैंड की टीम अक्सर दबाव में भी बहुत संतुलित रहती है. यही कारण है कि ICC टूर्नामेंटों में उनका रिकॉर्ड कई बार भारत से बेहतर रहा है. 

इस वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड ने मौका आने पर बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया है. उन्होंने बड़े मैचों में शानदार जीत दर्ज की है. सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को आसानी से हराकर फाइनल में पहुंचे. उसके फिन एलन जैसे बल्लेबाजों ने विस्फोटक पारियां खेलीं. सेमीफाइनल में फिन एलन ने 33 गेंदों में इस टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाकर सबको चौंका दिया था. 
यह न्यूजीलैंड के बेहद खतरनाक फॉर्म का एक परिचय है.

Advertisement

किवियों के लिए आसान नहीं होगा भारत से पार पाना

भारत भी शानदार फॉर्म में रहा है, लेकिन इस टूर्नामेंट में उसे एक हार का सामना करना पड़ा था- दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ. टीम इंडिया का ICC टूर्नामेंटों में हाल का रिकॉर्ड बहुत मजबूत रहा है और पिछले कुछ सालों में उसने कई बड़ी जीत दर्ज की हैं.

इतना ही नहीं टी20 वर्ल्ड कप में भारत का ओवरऑल रिकॉर्ड न्यूजीलैंड से कहीं बेहतर है. 2007 से अब तक टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए 60 मैचों में टीम इंडिया ने 43 मैच जीते हैं वहीं न्यूजीलैंड कुल 54 मैचों में से केवल 30 में जीत हासिल की है. 

साथ ही जहां भारत ने इस टूर्नामेंट में केवल एक ही मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गंवाया है, वहीं न्यूजीलैंड की टीम इस टूर्नामेंट में भी दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड से हार चुकी है. फिलहाल ये दो समीकरण तो भारत के पक्ष में हैं. टीम के पास कई मैच-विनर खिलाड़ी हैं. टीम इंडिया के पास एक से बढ़कर एक धुरंधर विस्फोटक बल्लेबाज हैं जो अपने बल पर मैच का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं. उसके पास मजबूत स्पिन आक्रमण है तो डेथ ओवर में तेज गेंदबाजी की नुमाइश बुमराह जैसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज सेमीफाइनल में कर ही चुके हैं. लेकिन फाइनल में सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती बेहद जरूरी है

फाइनल का दबाव: भारत पर ज्यादा

फाइनल भारत में खेला जा रहा है और स्टेडियम में 1 लाख से ज्यादा दर्शकों के आने की उम्मीद है. ऐसे में दबाव स्वाभाविक रूप से भारत पर ज्यादा होगा. घरेलू मैदान, खिताब बचाने का दबाव, और करोड़ों फैंस की उम्मीदें. न्यूजीलैंड के लिए स्थिति इसके उलट है- किवी बिना ज्यादा दबाव के खेल सकते हैं. टक्कर भारत की आक्रामक बल्लेबाजी और तेज रन रेट के साथ बड़ा स्कोर खड़ा करने की खूबी vs न्यूजीलैंड की योजनाबद्ध गेंदबाजी, फील्डिंग में अनुशासन और दबाव बनाने की रणनीति के बीच है. किवी टीम अक्सर मैच को छोटे-छोटे मोमेंट्स में जीतती है.

Advertisement

तीन कारण क्यों भारत के लिए मुश्किल होगा फाइनल

  1. टी20 वर्ल्ड कप में 3-0 का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के पक्ष में है.
  2. न्यूजीलैंड का सेमीफाइनल में प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा और टीम आत्मविश्वास से भरी है.
  3. ICC टूर्नामेंटों में न्यूजीलैंड अक्सर फाइनल और सेमीफाइनल में अच्छा खेलता रहा है.

इन सब के बावजूद भारत को हल्के में लेना बड़ी गलती साबित हो सकता है. क्योंकि टीम इंडिया को अपने घरेलू पिच की समझ कहीं अधिक है. उसके पास मजबूत बल्लेबाजी है, अगर अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, सूर्यकुमार यादव, इशान किशन, शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या जैसे धुरंधर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी दिखाने में कामयाब रहे और भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज भी अनुशासन में रहते हुए लय पकड़ सके तो मैच के रुख निस्संदेह भारत के पक्ष में रहेगा.

अब पलड़ा किस ओर झुकेगा यह तो मैदान पर टीम के प्रदर्शन पर ही निर्भर है. भले ही नतीजा जो भी हो इतिहास तो बन कर ही रहेगा. अगर भारत ने किवी जिंक्स तोड़ी तो तीसरी बार खिताब जीतने का नया इतिहास बनेगा. अगर भारत नहीं जीता तो यह न्यूजीलैंड का पहला टी20 वर्ल्ड कप होगा.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | मस्जिद 'तोड़ने' की बात पर Sangeet Som का होश उड़ाने वाला जवाब! Syed Suhail
Topics mentioned in this article