जिंबाब्वे में खेले जा रहे अंडर-19 विश्व कप में शनिवार को बुलावायो में को खेले गए मुकाबले में भारतीय जूनियरों ने तनावपूर्ण पलों से गुजरने के बाद ग्रुप ए के मुकाबले में बांग्लादेश को 18 रन से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की. भारत से जीत के लिए मिले 239 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने बहुत ही विश्वस्त बल्लेबाजी की. और शुरुआती विकेट 1 6 रन पर ही गिरने के बाद उसके बल्लेबाज रिफत बेग (37) और कप्तान अजिजुल हकीम तमीम (51) मिलकर स्कोर को 21.2 ओवरों में 2 विकेट पर 106 तक ले गए, तो भारतीय फैंस ने टीम को कोसना शुरू कर दिया. बांग्लादेश की जीत यहां से एकदम सुनिश्चित लग रही थी, तो फैंस बातें कर रहे थे कि दोनों देशों के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबधों के बीच अब इस देश से भी हार का मुंह देखना पड़ेगा. बहरहाल, भारत के लिए दो बड़े टर्निंग प्वाइंट्स ऐसे समय आए, जिनसे बांग्लादेश को मुकाबले से आउट कर दिया. बारिश के कारण डकवर्थ लुईस से बांग्लादेश को मिले 70 गेंदों में 75 रन के लक्ष्य से भारत इन्हीं दो टर्निंग प्वाइंट्स की वजह से जीत हासिल करने में सफल रहा. तब बांग्लादेश के हाथ में 8 विकेट थे, लेकिन लगातार बढ़ते दबाव में बांग्लादेशी बल्लेबाज दम तोड़ते गए. और बांग्लादेश जूनियर्स की पूरी पारी 28.3 ओवरों में 146 रनों पर सिमट गई. डकवर्थ लुईस नियम से बांग्लादेश को जीत के लिए 29 ओवरों में 165 का लक्ष्य मिला था, लेकिन वह जीत से 19 रन दूर रन गया. और वजह बने 2 बड़े टर्निंग प्वाइट
पहला बड़ा टर्निंग प्वाइंट: बांग्लादेश को भारत ने जड़ा 'मुक्का !'
भारत की जीत में पहला टर्निंग प्वाइंट बना तीन गेंदों के भीतर 2 विकेटों का गिरना. और एकदम से ही स्कोरबोर्ड पर बांग्लादेश के पांच विकेट गिरे दिखाई पड़ने लगे. यह चौथा विकेट 23वें ओवर की पांचवीं गेंद पर आया, जब विहान मल्होत्रा की गेंद पर शेख पर परवेज कनिष्क चौहान के हाथों लपके गए. बांग्लादेश इस झटके से उबरा भी नहीं था कि ठीक दो गेंद बाद ही अगले ओवर में खिलन पटेल ने जमकर खेल रहे बांग्लदेशी कप्तान को चलता कर दिया. तीन गेंदों के भीतर 2 विकेट गिरना ऐसा साबित हुआ कि मानो भारत ने बांग्लादेश के पेट में करारा मुक्का जड़ा. और इसने बांग्लादेश को हिलाकर रख दिया.
दूसरा बड़ा टर्निंग प्वाइंट: सुपर से ऊपर कैच ने पक्की कर दी जीत
दूसरा बड़ा टर्निंग प्वाइंट भी चंद ही मिनट बाद आया, जब समीउन बासिर रतुल ने विहान मल्होत्रा के खिलाफ लंबा हवाई शॉट लगाने की कोशिश की, तो वैभव सूर्यवंशी ने बाउंड्री पर संतुलन बनाते हुए ऐसा सुपर से ऊपर कैच पकड़ा कि बांग्लादेशी खेमे में मातम बसर गया. वैभव की प्रतिक्रिया से साफ था कि यह कैच है, लेकिन थोड़ी देर बाद ही थर्ड अंपायर ने आउट दिया, तो भारतीय खिलाड़ियों की खुशी ने जीत पर मुहर लगा दी. वैभव का यह सुपर से ऊपर कैच भारत की जीत में दूसरा बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया.बांग्लादेश ने कुल मिलाकर 13 गेंदों के भीतर अपने सबसे मजबूत और जमे हुए अर्द्धशतकवीर कप्तान सहित चौथा, पांचवां और छठा विकेट गंवाया. ये तीनों ही विकेट सिर्फ 6 रन के भीतर गिर और इसने बांग्लादेश की कमर पूरी तरह तोड़कर रख दी. यहां से भारत की जीत मानो औपचारिकता भर बची थी और यह साबित भी हो गया.
वैभव और अभिज्ञान ने दिया भारत को लड़ने लायक स्कोर
वास्तव में भारत का बांग्लादेश के खिलाफ 238 रनों पर ऑलआउट होना आगे के मैचों को देखते हुए चिंता का विषय है. बात यह भी अहम है कि वैभव सूर्यवंशी (72) और नियमित रूप से बेहतर कर रहे विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडु ( 80) रन को छोड़कर बाकी बल्लेबाज नहीं ही चल सके. यह वैभव और अभिज्ञान और कुछ हद तक निचले क्रम में कनिष्क चौहान के 26 गेंदों पर 28 रन ही थे, जिससे भारत सभी विकेट खोकर 238 रन बना सका. लेकिन भारतीय टीम और खिलाड़ियों की क्षमता को देखते हुए न तो टीम को ऑलआउट ही होना था, तो वहीं रन कहीं और ज्यादा बनाने थे. साथ ही, बाकी बल्लेबाजों को भी योगदान देना था. बहरहाल, दिन की समाप्ति पर मेहनत और भाग्य ने पहिया भारत की ओर घुमा दिया.














