T20 World Cup 2026: खेले जा रहे वर्ल्ड कप के सुपर-8 राउंड के तहत रविवार को चेन्नई में जिंबाब्वे के खिलाफ जीत से इतर टीम इंडिया जो बड़े पॉजिटिव हासिल किए, उसमें से एक अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) रहे. जिंबाब्वे से पहले तक चार में से तीन मैचों में खाता न खोल सके अभिषेक को मैच से पहले XI से बाहर बैठाने का दबाव था, लेकिन मैनेजमेंट ने उनका समर्थन किया, तो लेफ्टी बल्लेबाज ने चिर-परिचित अंदाज में 30 गेंदों पर 4 चौकों और इतने ही छक्कों से तूफान 55 रन बनाकर खोया हुआ कॉन्फिडेंस हासिल कर लिया. और फॉर्म मिली, तो अभिषेक ने पारी खत्म होने के बाद दिल से बात की.
अभिषेक ने कहा, 'टीम के लिए योगदान देना हमेशा बहुत अच्छा लगता है. और मैं इस पल का काफी लंबे समय से इंतज़ार कर रहा था तो आखिरकार ये हो ही गया. मैं वाकई बहुत खुश हूं. अच्छी बात यह है कि मैं नैसर्गिक अंदाज में खेला और बिना चिंतित हुए खेला.' एंकर द्वारा धीमा खेलने को लेकर कि गए गए सवाल पर अभिषेक बोले, 'मैं बस इतना चाहता था कि क्रीज़ पर थोड़ा समय बिताऊं, क्योंकि अगर आप देखें तो मैंने पूरे टूर्नामेंट में अभी तक 10–12 गेंदें भी नहीं खेली थीं. मैं बस पिच पर थोड़ा समय बिताना चाहता था.'
उन्होंने कहा, 'मैं टीम का खास तौर पर ज़िक्र करना चाहूंगा. जिस तरह से उन्होंने अब तक मेरे साथ व्यवहार किया, उससे उन्होंने मुझे कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं टीम के लिए रन नहीं बना रहा.फिर चाहे यह प्रैक्टिस सेशन रहा हो या फिर होटल. सभी लोग बस इसी पल का इंतज़ार कर रहे थे और बार-बार मुझे याद दिला रहे थे कि तुम ये पहले भी कर चुके हो और तुम्हारा समय बहुत दूर नहीं है. अपने भीतर बस भरोसा बनाए रखो और आखिर में ठीक ऐसा ही हुआ.'
क्या अंत में हार्दिक और तिलक के खेल से वीडियो गेम जैसा महसूस हुआ? पर अभिषेक ने कहा, 'बिल्कुल, मेरा मतलब है, जिस तरह से उन्होंने पारी खत्म की, मुझे लगता है कि इंटेंट वापस आ गया है, जिस तरह से वो चाहते थे, जिस तरह से हमने पूरे साल खेला है. यही प्लान हमने कल भी तय किया था एक बल्लेबाजी यूनिट के तौर पर कि अगर हमें लगे कि हमने काफी गेंदें खेल ली हैं या पिच को समझ लिया है, तो बस बाहर जाओ और खुद को एक्सप्रेस करो.'
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