T20 World Cup 2026: खेले जा रहे वर्ल्ड कप में आखिकार टीम इंडिया ने सुपर-8 राउंड में अपना खाता वीरवार को खोल लिया. गुजरे रविवार को पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के हाथों 76 रन से मात खाने के बाद टीम सूर्यकुमार यादव अभी भी सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिहाज से मुश्किलों में फंसी हुई है, लेकिन भारत ने चेन्नई में जिंबाब्वे को 72 रनों से रौंद कर करोड़ों भारतीय फैंस के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है. जिंबाब्वे ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी थमाई थी. और इस न्योते को दोनों हाथों से भुनाते हुए भारतीय बल्लबाजें ने जिंबाब्वे बॉलरों का बुरी तरह बैंड बजा दिया. साफ था कि जिंबाब्वे 257 रनों का लक्ष्य मिलने के साथ ही मानसिक रूप से हार चुके थे. और यहां से यही देखना बाकी बचा था कि वे इस मुकाबले में कैसी लड़ाई लड़ते हैं.
दुर्भाग्यशाली रहे ब्रायन बेनेट
जिंबाब्वे के दोनों ओपनरों मारुमानी और ब्रायन बेनेट (नाबाद 97 रन, 59 गेंद, 8 चौके, 6 छक्के) ने मिलकर अपनी टीम को तेज शुरुआत अच्छी नीयत से देने की कोशिश की. दोनों ने 6.2 ओवरों में मिलकर 44 रन भी जोड़े. लेकिन एक बार मारुमानी को अक्षर ने चलता किया, तो फिर नियमित अंतराल पर विकेट गिरना शुरू हो गया. बीच में कप्तान सिकंदर रजा (31 रन, 21 गेंद, 2 चौके, 2 छक्के) ने कुछ देर पिच पर टिकने की कोशिश की, तो वहीं तारीफ करनी होगी ओपनर ब्रायन बेनेटन का. बेनेट ने एक छोर पर अच्छी लड़ाई लड़ी. बदनसीबी की बात यह रही कि वह हक का शतक पूरा नहीं कर सके. वरना यह तो पहली ही गेंद पर साफ था कि एक हारी हुई लड़ाई ही लड़ रहे है.जिंबाब्वे ने कोटे के पूरे ओवर में 6 विकेट खोकर 184 ही रन बनाए. भारत के लिए सबसे ज्यादा 3 विकेट अर्शदीप सिंह ने लिए.
फिर पुरानी जोड़ी, ओपनरों की वापसी
टीम इंडिया ने हालात के कारण बहुत बड़े हो चुके मुकाबले में फिर से दायां-बायां संयोजन इस्तेमाल करते हुए शुरुआती मैचों में नाकाम रहे संजू सैमसन पर दांव लगाया, तो तुलनात्मक रूप से कुछ सुधार हुआ. संजू (24, 15 गेंद, 1 चौका, 2 छ्कके) से फिर से फॉर्म हासिल करने वाले अभिषेक शर्मा को अच्छा सहारा दिया, तो इस बार भारतीय ओपनर 3.4 ओवरों में 1 विकेट पर 48 रन जोड़ डाले. इसे ओपनरों की वापसी एक बार को कहा जा सकता है.
तिलगों ने पकड़ी फॉर्म, टीम इंडिया मालामाल!
जिंबा्ब्वे के खिलाफ जीत अलग बात है, सेमीफाइनल का फंसा पेंच अपनी जगह है, लेकिन इससे अलग इस मैच में टीम इंडिया ने विंडीज के खिलाफ आखिरी सुपर-8 राउंड से पहले बड़ा पॉजिटिव हासिल किया. और यह ही तिलंगों की फॉर्म हासिल करना. जी हां, टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के क्रम में पहले अभिषेक शर्मा (55 रन, 30 गेंद, 4 चौके, 4 छक्के), तिलक वर्मा (नाबाद 44 रन, 16 गेंद, 3 चौके, 4 छक्के) और इनमें सबसे मुख्य रूप से हार्दिक पंड्या (नाबाद 50 रन, 23 गेंद, 2 चौके 4 छक्के) ने जिंबाब्वे पर प्रचंड प्रहार लगाते हुए फॉर्म हासिल कर ली. निश्चित रूप से इन तीनों की फॉर्म टीम इंडिया के लिए आने वाले मैचों में बहुत ही काम आएगी. और यह फॉर्म एकदम सही समय पर आई है.
...बस एक शॉट से बच गया यह विश्व रिकॉर्ड
यह इन तीनों खासकर आखिर में पंड्या की ही प्रंचड मार रही कि टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप के इतिहास में रिकॉर्ड बनाते हुए कोटे के ओवरों में 4 विकेट पर 256 रन बनाते हुए अपना सबसे बड़ स्कोर बना लिया. वास्तव में अगर एक चौका लग जाता, तो भारत वर्ल्ड कप के इतिहास के सर्वश्रेष्ठ स्कोर 260 की बराबरी कर लेता. और अगर एक छक्का लग जाता है, तो फिर वह हो जाता, जो मेगा इवेंट के पिछले करीब 29 साल में नहीं हुआ था. मतलब इतिहास का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बन जाता. बहरहाल, यह 256 का आंकड़ा जिंबाब्वे के लिए कहीं बड़ा साबित हुआ. और यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं ही होगा कि जिंबाब्वे स्कोरबोर्ड पर 256 रन बनते ही मैच हार गया था.














