- टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों से हराकर भारत की लगातार जीत की सीरीज तोड़ी.
- अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म टीम इंडिया की पावर प्ले में कमजोर शुरुआत और विकेट जल्दी गिरने की बड़ी वजह है.
- भारत के बल्लेबाजों का शॉट सेलेक्शन दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों की तुलना में बेहतर नहीं रहा.
India vs South Africa: डिफेंडिंग चैंपियन भारत के लिए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का ये पहला असली टेस्ट साबित हुआ. 12 मैच के विजयरथ पर सवार (2024 वर्ल्ड कप में 8 और 2026 वर्ल्ड कप में 4 जीत) टीम इंडिया को आख़िरकार पहली बार टूर्नामेंट में 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा. टीम इंडिया ने 2024 के वर्ल्ड कप के रोमांचक फ़ाइनल में 7 रनों से हराकर ख़िताब जीता था. प्रोटियाज़ के लिए ये एक बदले का मौच भी साबित हुआ.
टी-20 वर्ल्ड कप के 9 मैचों में प्रोटियाज़ की भारत के ख़िलाफ़ ये सिर्फ़ तीसरी जीत है, वो भी चार साल के बड़े अंतराल के बाद (टी-20 वर्ल्ड कप में दक्षिण अफ़्रीका ने भारत को दो बार हराया- 2009 में भारत को 12 रन से और 2022 में 5 विकेट से हराया था) टीम इंडिया के लिए वर्ल्ड कप के अगले मैचों से पहले भारत के लिए ये सबक लेने का वक्त है कि किन कारणों से टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा.
अभिषेक शर्मा का फ़्लॉप शो
टी-20 फॉर्मैट में 193 के स्ट्राइक रेट से खेलने वाले और वर्ल्ड कप से पहले अपने सुपर फॉर्म से सबको अचंभित करनेवाले अमृतसर के अभिषेक शर्मा अपने ख़राब फॉर्म से सबको उतने ही हैरान कर रहे हैं. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ अभिषेक ने 2 चौके और एक छक्का लगाकर 12 गेंदों पर 15 रन बनाए.
लेकिन अभिषेक इस साल वो पांच बार 0 पर आउट हो चुके हैं जिनमें इसी वर्ल्ड कप के तीन ज़ीरो भी शामिल हैं. वर्ल्ड कप किसी भी खिलाड़ी के लिए छवि बनाने के शानदार मौक़ा होता है. 25 साल के बांये हाथ के बैटर अभिषेक शर्मा से टीम इंडिया और उनके फ़ैन्स को ज़रूर उम्मीद रहेगी कि बड़े मैच में उनका बल्ला बड़े बोल बोलता दिखे.
पावर प्ले में फिर गिरा विकेट
अभिषेक शर्मा के फॉर्म की वजह से पावर प्ले में टीम इंडिया कभी बड़ी पार्टनरशिप नहीं बना पाई. अमेरिका के ख़िलाफ़ 8 पर पहला विकेट गिरा (अभिषेक 0), नामीबिया के ख़िलाफ़ 25 पर (संजू सैमसन 22), पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 1 पर (अभिषेक 0), नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ 0 पर (अभिषेक 0) और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 0 पर (ईशान किशन 0) पर. ऐसे में अबतक एकबार भी भारतीय ओपनिंग जोड़ी पावरप्ले का पूरा फ़ायदा उठाने में नाकाम रही है. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ भी हार की ये एक बड़ी वजह साबित हुई.
शॉट सेलेक्शन पर सवाल- नहीं चले ओपनर, मिडिल ऑर्डर, फ़िनिशर
STAR SPORTS से बात करते हुए पूर्व कप्तान और कॉमेन्टेटर सुनील गावस्कर ने कहा कि भारत की ये बड़ी बार है और उनके लिए सबक लेने का वक्त है. गावस्कर ने साफ़ तौर पर कहा,“'टीम इंडिया के बैटर्स का शॉट सेलेक्शन सही नहीं था. आप देखें दक्षिण अफ़्रीका के डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने इसी पिच पर जहां गेंद बल्ले पर नहीं आ रही थी, उन्होंने खुद को अप्लाई किया और अच्छा स्कोर खड़ा किया. लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ ऐसा नहीं कर सके.”
अमेरिका, पाकिस्तान दूसरी टीमों के ख़िलाफ़ भारत ने पावर प्ले में विकेट गंवाया तो कप्तान सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन समेत दूसरे बैटर्स ने ज़िम्मेदारी निभाते हुए टीम इंडिया को जीत मुकम्मल करवा दी. लेकिन दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 6 बल्लेबाज़ अपने स्कोर को दहाई अंकों में भी नहीं ले जा सके. चार खिलाड़ी अपने स्कोर को 20 के पार भी नहीं ले जा सके. सिर्फ़ शिवम दुबे ने 37 गेंदों पर 1 चौके 3 छक्के लगाकर 42 रन बनाए. मगर एक अकेला जीत के लिए कभी काफ़ी नहीं होता.
महंगे पड़े गेंदबाज़
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ जसप्रीत बुमराह हमेशा की तरह जीनियस साबित हुए. उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी से सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों का दिल भी जीता. बुमराह ने 4 ओवर में 15 रन खर्च कर 3 विकेट झटके तो अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर में 28 रन खर्च कर 2 विकेट अपने नाम किये.
टीम इंडिया के गेंदबाज़ों ने भारत को अच्छी शुरुआत दी. दक्षिण अफ़्रीका ने 4 ओवर में 20 रन के अंदर क्विंटन डिकॉक, एडन मार्कराम और राएन रिकलटन के बेहद 3 विकेट झटक लिए थे. लेकिन मिडिल मिडिल ओवर में वरुण चक्रवर्ती समेत दूसरे गेंदबाज़ उस दबाव को बरक़रार नहीं रख सके और प्रोटियाज़ ने अहमदाबाद की पिच पर भारत के सामने 187/7 का एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा कर लिया.
वरुण चक्रवर्ती ने 11.75 की इकॉनमी के साथ, हार्दिक पांड्या ने 11.25 की इकॉनमी और शिवम दुबे ने 16 रन प्रति ओवर की इकॉनमी के साथ 32 रन खर्चे. भारतीय गेंदबाज़ों ने जो शुरुआती फ़ायदा दिलाया था वो मिडिल और डेथ ओवर में ख़त्म हो गया.
हार्दिक पांड्या का आखिरी ओवर
हार्दिक पांड्या अहमदाबाद की लोकल पिच पर शुरुआत में बेहतर गेंदबाज़ी करते दिखे. लेकिन आख़िरी ओवर में ट्रिस्टन स्टब्स ने पांड्या को 2 छक्के और एक चौका लगाकर ना सिर्फ़ 20 रन बटोर लिए. बल्कि भारतीय बैटर्स पर 187 रनों का मनोवैज्ञानिक दबाव भी बना दिया. यह स्कोर भारतीय बैटर्स का बेहतर गेंदबाज़ी के सामने असली टेस्ट साबित हुआ. टीम इंडिया के लिए सबक लेने का मौक़ा भी साबित हो गया.
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