T20 World Cup 2026 में रविवार को टीम इंडिया अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका (India vs South Africa) के खिलाफ सुपर-8 राउंड का अभियान का आगाज करने जा रही है. इस मैच को कई कारणों से 'फाइनल से पहले फाइनल' कहा जा रहा है. लेकिन इस मैच से पहले ही अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच चर्चा में आ गई है. वजह यह है कि यह पिच काली मिट्टी से बनी है. और यह बाकी पिचों की तुलना से अलग ही बर्ताव करती है. और यही काली मिट्टी की वजह वर्ल्ड कप में सुपर-8 राउंड में भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका के मुकाबले में खेला कर सकती है. पिच बदली है, तो इसने भारत को गंभीर रणनीति बनाने पर भी मजबूर किया है.
काली मिट्टी की पिच की खासियत
नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सुपर-8 राउंड का मुकाबला ब्लैक सॉइल पिच पर खेला जाएगा. और काली मिट्टी की पिच तुलनात्मक रूप से स्पिनरों की तुलना में पेसरों को ज्यादा मदद करती है. साथ ही, उछाल भी इस पर असमान होता और तीन घंटे तक दोनों पारियों में यह समान ही बर्ताव करती है. यही वजह है इसने भारतीय प्रबंधन को फिर से रणनीतिक फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया है.
मैच पर पड़ता है ऐसा असर
अब जबकि पिच गेंद को ग्रिप करती है, तो इस पर स्ट्रोक लगाना बहुत ही मुश्किल होता है. मीडियम पेसर अलग-अलग विविधता से बल्लेबाजों का टेस्ट लेते हैं. अभिषेक शर्मा जैसे बल्लेबाज, जो पूरी तरह से तूफानी बल्लेबाजी करते हैं, उनके शॉट की टाइमिंग मिलने में बहुत ही ज्यादा दिक्कत आती है. यहां स्लोअर-वन भी बहुत बढ़िया काम करती है और इस बात को गंभीर ने बहुत ही अच्छी तरह महसूस किया है.
काली मिट्टी की पिच बदलाएगी गंभीर फैसला!
कोलंबो में हालात ऐसे थे कि पिच बहुत ही धीमी थी. पाकिस्तान ने तो पावर-प्ले में ही तीन स्पिनर उतार दिए थे, तो भारत तीन स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरा था. अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में काली मिट्टी की पिच को देखने के बाद प्रबंधन कुलदीप यादव को बाहर बैठाकर फिर से लेप्टी अर्शदीप सिंह को खिलाने की तैयारी में है.














