Ind vs Nz: तिलक वर्मा के ये मानक बहुत बड़े, इन 5 पैमानों पर कौन सर्वश्रेष्ठ विकल्प? यह खिलाड़ी बनेगा वाइल्ड-कार्ड एंट्री

Tilak Varma, India vs new Zealand: तिलक वर्मा चोटिल होकर शुरुआती 3 टी20 मैचों से बाहर क्या हुए कि ऐसा लग रहा है कि भारतीय टीम में बड़ा शून्य पैदा सा हो गया है. सवाल यह है कि यहां कौन दावेदार है? कौन हकदार? पूरी कहानी समझें

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Tilak Varma: तिलक वर्मा की चोट भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है
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Tilak Varma's ruled out: हालिया समय में कप्तान सूर्यकुमार यादव की बड़ी नाकामी के बीच शीर्ष क्रम पर टीम इंडिया के लिए मैच विनर और भरोसमेंद बन चुके तिलक वर्मा का न्यूजीलैंड (Ind vs Nz) के खिलाफ पांच टी20 मैचों के शुरुआती तीन मुकाबलों से बाहर होना भारत के लिए टी20 विश्व की तैयारियों के लिए बहुत बड़ा झटका है. तिलक की पेट की चोट बहुत ही गलत समय पर आई है और बुधवार को पेट की सर्जरी के बाद अगर उनकी रिकवरी तेजी से या समय रहते नहीं होती, तो भारत की मुश्किलें खासी बढ़ जाएंगी. हालिया समय में तिलक वर्मा (Tilak Varma) ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की नाकामी के बीच कई मुकाबलों में भारत के लिए न केवल दो क्रम (नंबर-3 और नंबर-4) को शानदार तरीके से संभाला, जरूरत पड़ने पर टीम को उबारा, बड़े संकट से बाहर निकाला और फिट जीत दिलाकर नाबाद भी लौटे. इस दौरान तिलक वर्मा ने ऐसे मानक स्थापित कर दिए हैं कि उनकी जगह लेने के लिए यूं तो कई बड़े नाम तैयार खड़े हैं, लेकिन प्रदर्शन के मानक पर यह मुश्किल नजर जा रहा है. आप तिलक वर्मा के मानकों के बारे में जानें. साथ ही, आप यह भी जान लें कि उनकी जगह 5 मानकों पर उनकी जगह लेने के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प कौन है.

1. नंबर-3 पर वर्मा सबसे तूफानी !

तिलक वर्मा ने अभी तक खेले 40 मैचों में 15 में नंबर-3 पर बल्लेबाजी की. और इस क्रम पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आया है. तिलक वर्मा ने नंबर तीन पर 15 मैचों की इतनी ही पारियों में 60.22 के औसत से 542 रन बनाए. इस क्रम पर दो शतक और 3 अर्द्धशतक लेफ्टी बल्लेबाज के बारे में बहुत कुछ कहने को काफी है. 

2. नंबर-4 पर भी जिम्मेदारी पर खरे उतरे

तिलक इस फॉर्मेट में भारत के लिए एक फ्लोटर बल्लेबाज रहे. यही वजह रही कि जब-जब नंबर-4 पर उनकी जरूरत पड़ी, तो यहां भी वह एकदम दस में से दस नंबर से पास हुए. 40 में से 14 मैचों में तिलक ने इतनी ही पारियों में 54.44 के औसत से 490 रन बनाए. यहां उन्होंने  दो अर्द्धशतक बनाए. लेकिन चार और तीन में से तिलक को सबसे ज्यादा नंबर तीन ही सुहाता है. 

3. चेज का मास्टर तिलक!

भारत के लिए जीते 14 मैचों में पहले बैटिंग के दौरान तिलक ने 14 मैचों की इतनी ही पारियों में 39.27 का औसत निकाला. पहले बैटिंग के दौरान ही तिलक के दो शतक आए हैं , लेकिन लक्ष्य का पीछा करने के दौरान उनका औसत बताने के लिए काफी है कि वह चेज के कितने बड़े मास्टर हैं और उनका टेम्प्रामेंट कैसा है. तिलक ने भारत के लिए लक्ष्य का पीछा करने के दौरान जीते 14 मैचों की 13 पारियों में 425 रन बनाए. इनमें से वह 8 बार नाबाद रहे और तिलक का औसत है पूरे 85 का. और यह औसत ही उन्हें भारत के लिए एक बहुमूल्य प्रॉपर्टी में कन्वर्ट कर देता है. 

Photo Credit: @TilakV9/x

जगह लेने के ये हैं संभावित बड़े नाम

तिलक के शुरुआती तीन मैचों से बाहर होने के बाद सेलेक्टरों ने उनके विकल्प के नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कई स्टार तैयार हैं. इनमें सबसे आगे श्रेयस अय्यर,  इशान किशन (ओपनर संजू सैमसन का विकल्प), ऋतुराज गायकवाड़ (विशेषज्ञ ओपनर) आदि हैं. लेकिन चयन के हमारे 5 मानकों पर सिर्फ एक ही खिलाड़ी खरा उतर रहा है. 

आप तिलक के विकल्प के लिए हमारे 5 चयन मानकों के बारे में जानें:-

1. मिड्ल ओवर्स (7-15) के दौरान स्ट्राइक-रेट और इस पर भी स्पिनर के खिलाफ स्ट्राइक-रेट

2. इस दौरान बल्लेबाज विशेष का औसत और स्ट्राइक रेट को मिलाकर संयुक्त प्रदर्शन

3. तिलक वर्मा की तरह ही उच्च स्कोर का पीछा करते हुए बल्लेबाज विशेष का औसत/दबाव के पलों में टेम्प्रामेंट और ओवरों में स्ट्राइक-रेट/स्लॉग ओवरों में पेसरों के खिलाफ प्रदर्शन और स्ट्राइक-रेट

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4. अलग-अलग भूमिका: तिलक वर्मा नंबर-3, 4 और यहां तक कि और नीचे भी जरूरत पड़ने पर खेल सकते हैं. ऐसे में सवाल यह है कि तिलक के विकल्प में क्या ये तमाम खासियत हैं. 

5. खिलाड़ी विशेष का घरेलू/आईपीएल फॉर्म ट्रेंड कैसा रहा है और हाल ही में राष्ट्रीय सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खिलाड़ी विशेष का प्रदर्शन कैसा रहा है. जाहिर है कि यहां बड़े नाम, ब्रांड और इतिहास से पहले प्रदर्शन के कहीं ज्यादा मायने हैं. 

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सेलेक्टरों को कुल मिलाकर ऐसे विकल्प की जरूरत

तमाम बातों का अध्ययन करने के बाद निष्कर्ष यह निकलता है कि तिलक के चोटिल होने की स्थिति में सेलेक्टरों को नंबर-3 बल्लेबाज की जरूरत है. 

प्रबल दावेदार, श्रेयस अय्यर का यह है हाल

श्रेयस अय्यर ने हाल ही में बल्ले से खूब आग उगली है. आईपीएल में अच्छा करते हैं. लेकिन टीम इंडिया के लिए नंबर-3 पर अय्यर ने 19 मैचों में 35.33 का ही औसत निकाला है, तो नंबर चार पर 37.57 का.  जाहिर है कि दोनों ही क्रमों को देखते हुए यह तिलक के आस-पास भी नहीं है.  लेकिन अय्यर पिछले साल आईपीएल में 17 मैचों में 50.33 के औसत, 6 अर्द्धशतकों से 404 रन बनाकर मेगा इवेंट में छठे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और वह कई बार अलग-अलग नंबर पर खेले लेकिन टीम इंडिया के लिए साधारण प्रदर्शन एक विरोधाभासी बात है.  लेकिन क्या तिलक के बाहर होने की सूरत में श्रेयस अय्यर उपलब्ध दूसरे सर्वश्रेष्ठ विकल्प हैं? शायद एक बार को कहा जा सकता है, लेकिन खिलाड़ी एक और भी है और यह वाइल्ड-कार्ड की एंट्री में आता है और इनकी अनदेखी नहीं ही की जा सकती.

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क्या होगी वाइल्ड कार्ड की एंट्री?

गुजरात के लिए खेलने वाले साई सुदर्शन व्हाइट-बॉल के एक शानदार खिलाड़ी हैं. लेफ्टी होना उनके पक्ष में जाता है, लेकिन देश के लिए उन्होंने एक ही टी20 मैच खेला है, लेकिन इसमें भी उनकी बैटिंग नहीं आई.  भले ही उन्होंने ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेली, लेकिन इस स्तर पर वह क्या कर सकते हैं, यह उन्होंने आईपीएल में बहुत ही अच्छे तरीके से दिखा  दिया है. गुजरात के लिए ज्यादातर नंबर-3 पर खेले साई सुदर्शन की शैली बहुत हद तक  तिलक वर्मा जैसी है. साई जरूरत पर ओपनिंग भी कर लेते हैं और इस साल वह 15 मैचों की इतनी ही पारियों में 54.21 के औसत से सबसे ज्यादा 759 रन बनाए. क्या साई वाइल्ड-कार्ड एंट्री बनेंगे? देखते हैं, सेलेक्टरों को तिलक के  विकल्प के नाम का ऐलान करना बाकी है. 

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