आयरलैंड के खिलाफ बेल्फर्ट में पहला मैच खेले जाने से पहले दोनों देशों के पहुलओं से भारतीय कॉमन वजह से चर्चा में था. एक वजह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) थे, तो दूसरी भारतीय कॉमन वजह थे आयरलैंड के भारतीय मूल के लेफ्टी पेसर जय मूंदरा (Jai Moondra). वास्तव में लोकल ही नहीं, बल्कि भारतीय मीडिया में भी जय मूंदरा को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह था. वैभव को तो मौका नहीं मिला, लेकिन जय मूंदरा ने अंतरराष्ट्रीय करियर की ऐसी शुरुआत की, जो उन्हें ताउम्र याद रहेगी. और रहे भी आखिर क्यों न? किसी आयरिश खिलाड़ी के लिए कुछ महीने पहले ही टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए संजू सैमसन का विकेट चटकाना निश्चित रूप से स्वप्न सरीखी परफॉरमेंस है.
सैमसन की बड़ी यह चूक, देखते गए संजू
जीत के लिए 183 के लक्ष्य का पीछा करते हुए सैमसन ने शुरुआत पहले ही ओर में चौका लगाकर बहुत ही अच्छी की थी, लेकिन अगला ओवर लेकर आए जय मूंदरा ने उनकी पहली ही गेंद पर बोलती बंद कर दी. मूंदरा ने ऑफ-स्टंप के काफी बाहर कोण बनाती हुई 139 किमी/घंटा की रफ्तार से एक लेंथ डिलीवरी डाली. सैमसन ने गलती ये की कि बिना पैर चलाए ही न केवल काफी दूर से खेलने की कोशिश की, बल्कि शॉट खेलने के लिए कम जगह होने के बावजूद शॉर्ट-आर्म कट या स्लैश खेलने चले गए. न ही सही पोजीशन में थे और न ही बल्ले का एंगल. नतीजा गेंद अंदरूनी किनारा लेती हुई स्टंप में घुस गई. जय मूंदरा का वह ख्वाब पूरा हो गया, जिसका मजा वह ताउम्र लेंगे.
जय मूंदरा: व्यक्तिगत एवं खेल प्रोफाइल
| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | जय मूंदरा |
| जन्म तिथि | 10 जनवरी 1997 |
| आयु (जून 2026 तक) | 29 वर्ष, 5 माह, 15 दिन |
| जन्म स्थान | टोंक जिला, राजस्थान, भारत |
| पारिवारिक पृष्ठभूमि | माता: विद्या मूंदरा, छोटी बहन: मानसी मूंदरा |
| भूमिका | बाएं हाथ के मध्यम-तेज गेंदबाज (Left-arm fast-medium) और बल्लेबाजी ऑलराउंडर |
| आयरिश घरेलू टीम | लेइनस्टर लाइटनिंग, रेडर्स |
| शिक्षा | इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में एम.टेक (M.Tech) |
| अंतरराष्ट्रीय पदार्पण | 26 जून 2026 बनाम भारत (पहला T20I, बेलफास्ट) |
जय मूंदरा के बारे में डिटेल से जानें 5 अहम बड़ी बातें
1. टोंक की स्थानीय गलियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर
जय मूंदरा का जन्म 10 जनवरी 1997 को राजस्थान के टोंक जिले में हुआ था, जो जयपुर के निकट स्थित एक छोटा शहर है. बचपन से ही उनमें खेल के प्रति असाधारण रुचि थी. उन्होंने शुरुआत में एक तेज गेंदबाज के रूप में प्रशिक्षण लिया, लेकिन 16 वर्ष की आयु में वे एक विशेषज्ञ शीर्ष क्रम के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में परिवर्तित हो गए. कॉलेज के दिनों में उन्होंने पुनः अपनी शारीरिक क्षमता और स्विंग पर नियंत्रण को पहचानते हुए बाएं हाथ की तेज गेंदबाजी को मुख्य हथियार के रूप में अपनाया. यह बहुआयामी तकनीकी परिवर्तन उन्हें एक चतुर और अप्रत्याशित गेंदबाज बनाता है जो पिच की परिस्थितियों के अनुसार अपनी गेंदबाजी शैली को ढालने में सक्षम है.
2. करियर का निर्णायक मोड़: कॉर्पोरेट सुरक्षा पर खेल के सपने को प्राथमिकता
साल 2019 में अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के बाद मूंदरा एक ऐसे चौराहे पर खड़े थे जहां अधिकांश भारतीय युवा पारंपरिक कॉर्पोरेट नौकरियों की सुरक्षा का चयन करते हैं. उन्हें इस बात का डर था कि एक बार पूर्णकालिक कॉर्पोरेट नौकरी में जाने के बाद उनका क्रिकेट करियर हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा. उन्होंने एक बड़ा साहसिक कदम उठाते हुए कॉर्पोरेट नौकरी के प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया और अपने क्रिकेट के सपने को एक अंतिम मौका देने का निर्णय लिया. इस निर्णय के साथ ही वे वर्ष 2021 में छात्र वीजा पर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में मास्टर्स (M.Tech) की डिग्री हासिल करने के लिए आयरलैंड चले गए.
3. महत्वपूर्ण उपलब्धियां
जय मूंदरा साल 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में एम.टेक (M.Tech) करने के लिए स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे. वहां पढ़ाई और नौकरी के साथ-साथ उन्होंने क्रिकेट को जारी रखा. डबलिन के प्रतिष्ठित 'लेनस्टर क्रिकेट क्लब' के लिए शानदार प्रदर्शन किया और साल 2025 में आयरिश नागरिकता हासिल करने के बाद अंततः आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की की. वर्ष 2023 में लेइनस्टर क्रिकेट क्लब को प्रतिष्ठित 'आयरिश सीनियर कप' (Irish Senior Cup) का विजेता बनाने में उनकी ऑलराउंड भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने आयरिश घरेलू टी20 मैचों में अपनी गति और स्विंग से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें वर्ष 2025 में आयरलैंड की नागरिकता प्रदान की गई.
4. शुरुआती दिनों में स्पिनर थे मूंदरा
शुरुआत में जय एक बल्लेबाज थे जो बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खुद को बाएं हाथ के मध्यम तेज गेंदबाज के रूप में ढाला. साल 2019 में अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कॉर्पोरेट नौकरी के चलते क्रिकेट छोड़ने का मन बना चुके थे, लेकिन उन्होंने खुद को एक आखिरी मौका देने का फैसला किया और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक रहे हैं. वे सिमी सिंह के बाद आयरलैंड के लिए खेलने वाले दूसरे भारतीय मूल के पुरुष क्रिकेटर बने हैं
5. ऑयरलैड के दूसरे भारतीय मूल के खिलाड़ी बने
जय मूंदरा का आयरिश राष्ट्रीय टीम में चयन केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आयरलैंड के क्रिकेट इतिहास में भारतीय प्रवासियों के योगदान की एक लंबी और गौरवशाली कड़ी का हिस्सा है. वे आयरलैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले दूसरे भारतीय मूल के पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं. इससे पहले पंजाब में जन्मे सिमी सिंह ने आयरलैंड के लिए 35 एकदिवसीय और 53 टी20 मुकाबले खेले हैं.