T20 World Cup 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेल बहुत ही रोमांचक होगा. बुधवार को न्यूजीलैंड vs इंग्लैंड के मुकाबले तो कहीं बेहतर होने जा रहा है. वजह समझी जा सकती हैं और एक नहीं कई हैं. भारत vs इंग्लैंड मुकाबले से पहले ही करोड़ों फैंस के बीच इस बात को लेकर बहुत ही जोर-शोर से चर्चा थी कि टॉस सूर्यकुमार यादव जीतेंगे या नहीं. इस मामले में तो टीम इंडिया अनलकी साबित हुई. इंग्लैंड ने करो या मरो की टक्कर में टॉस जीतने के बाद भारत को पहले बल्लेबाजी थमाई. यह फैसला फैंस और पंडितों को चौंका गया, लेकिन इसके पीछे कई बड़ी वजह दिखाई पड़ रही हैं, जो टॉस के बाद हैरी ब्रूक (Harry Brook) की बातों से साफ झलकी.
1. एक छोर पर हल्की घास
वानखेड़े की पिच नंबर-7 के एक छोर पर हल्की घास है. इस पहलू ने हैरी ब्रूक को एक वजह जरूर दी. इंग्लैंड का कहीं न कहीं प्लान था कि उसके पेसर इस घास का फायदा उठाते हुए टीम को अच्छी शुरुआत दें. वहीं, दूसरे छोर पर खास नहीं था. यही वजह रही कि इंग्लैंड ने एक छोर पर आर्चर के रूप में पेसर और दूसरे छोर से स्पिनर इस्तेमाल किया
2. ओस का फायदा भी था ज़हन में
हालांकि, वानखेड़े में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने उस रसायन का इस्तेमाल किया है, जिससे ओस की काट निकाली जा सके. मतलब यह है कि अगर ओस आती भी है, तो दोनों टीमों को बराबर का फायदा देगी, लेकिन इसके बावजूद हैरी ब्रूक के ज़हन में पहले गेंदबाजी चुनने के पीछे कहीं न कहीं ओस भी एक बड़ा फैक्टर रहा.
3. स्थिति का आंकलन और खुद को ढालना
इस बात का जिक्र ब्रूक ने टॉस के बाद किया. और यह वजह सबसे ऊपर रही. इंग्लिश कप्तान ने कहा कि भारत को वानखेड़े के हालात पता हैं, लेकिन उन्हें पता लगाने हैं. और एक बार पहले फील्डिंग करने की सूरत में वे बहुत हद तक मैदानी हालात से अभ्यस्त हो जाएंगे. इससे यह भी आंकलन करने में आसानी रहेगी कि उन्हें कितना स्कोर हासिल करना होगा. वहीं, अगर ओस आती भी है, तो उसका फायदा उसके बल्लेबाज उठाएंगे.













