एक तरफ सीनियर इंडिया टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2026) की अंतिम तैयारियों में व्यस्त है, भारतीय जूनियर शेर कदम-दर-कदम जिंबाब्वे में खेले जा रहे अंडर-19 विश्व कप (Under-19 World Cup) खिताब की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. रविवार को जूनियर इंडिया की टक्कर पड़ोसी पाकिस्तान से होने जा रही है. यह कहने को तो एक तरह से सेमीफाइनल से पहले का सेमीफाइनल है, लेकिन तस्वीर तो यही दिखा रही है कि पाकिस्तान का अंतिम चार में पहुंचना खासा मुश्किल है क्योंकि जहां भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ जीत भर हासिल करनी है, तो वहीं पाकिस्तान को 2 मुश्किल शर्त पूरी करनी होंगी. पहले दोनों टीमों की वर्तमान स्थिति जान लीजिए:
भारत को चाहिए सिर्फ जीत भर
रविवार को दोपहर से होने वाली दोनों देशों की बड़ी टक्कर से पहले सुपर सिक्स ग्रुप में इंग्लैंड पहले नंबर पर है, जो सेमीफाइनल में पहले ही जगह बना चुका है. वहीं, भारतय टीम 3 मैचों से 6 अंक बटोरकर दूसरे और पाकिस्तान 3 मैचों से 2 जीत , 1 हार से 4 प्वाइंट के साथ तीसरे नंबर पर है. ऐसे में भारत को रविवार को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को हराना भर होगा, लेकिन पाकिस्तान जीतने और भारत के बराबर 6 प्वाइंट होने पर भी अंतिम चार में नहीं ही पहुंच पाएगा. वजह है दोनों टीमों के बीच का नेट रन-रेट का विशाल अंतर. भारत का नेट रन-रेट 3.337 का है, तो पाकिस्तान को 1.483 और यही वजह है कि पाकिस्तान को अंतिम चार का टिकट हासिल करने लिए भारत पर अनिवार्य जीत के साथ ही दो बहुत ही मुश्किल बातों को अंजाम देना होगा.
पाकिस्तान का मुश्किल समीकरण: ये 2 मुश्किल शर्तें
पहली मुश्किल शर्त
पाकिस्तान के लिए पहली मुश्किल बड़ी शर्त यह है कि अगर पड़ोसी देश को ग्रुप 2 यानी सुपर सिक्स में नंबर-2 पर आना है. और वह पहले बल्लेबाजी करता है, तो उसे भारत को कम से कम 105 रनों के अंतर से मात देनी होगी. मतलब इसके लिए पहले बैटिंग की सूरत में अच्छा-खासा बड़ा स्कोर तो बनाना ही होगा, तो साथ ही भारत को उस स्कोर पर आउट करना होगा, जहां रनों से जीत का अंतर कम से कम 105 रन अनिवार्य रूप से रहे
दूसरी मुश्किल शर्त
वहीं, अगर पाकिस्तान की टीम बाद में बैटिंग करता है, तो उसे लक्ष्य को तूफानी गति से हासिल करना होगा. उदाहरण के तौर पर अगर पाकिस्तान को जीत और सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 251 रन बनाने हैं, तो उसे इस लक्ष्य को कम से कम 29.4 या इससे कम ओवरों में अंजाम देना होगा. मतलब उसके बल्लेबाजों को करीब 8.53 रन प्रति ओवर की दर से बैटिंग करनी होगी. और अगर उसके सामने लक्ष्य छोटा है, तो इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए और तेजी से बैटिंग करनी होगी.














