पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की मांगे लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. अब दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के सामने एक नई मांग रख दी है, जो कि पहली नजर में 2031 वनडे वर्ल्ड कप के सह मेजबान भारत की संभावनाओं को कमजोर करने का प्रयास प्रतीत होता हुआ नजर आ रहा है. वर्ल्ड कप 2031 भारत और बांग्लादेश की मेजबानी में खेला जाना है. पीसीबी और बीसीबी मौजूदा हाइब्रिड मॉडल को अगले संस्करण तक बढ़ाने की मांग कर रहा है. जिससे भारत को आर्थिक रुप से ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो सके.
फिलहाल 2027 तक लागू है हाइब्रिड मॉडल
फिलहाल, हाइब्रिड मॉडल 2027 तक लागू है. जिसके तहत बांग्लादेश और पाकिस्तान की टीम अपने सभी मुकाबले भारत के बजाय बांग्लादेश में खेलेगी. डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी ने रविवार (आठ फरवरी 2026) को लाहौर स्थित गद्दाफी स्टेडियम में पीसीबी और बीसीबी के साथ अहम बैठक की थी. जहां 15 फरवरी को कोलंबो में खेले जाने वाले भारत-पाक मैच के बहिष्कार पर चर्चा की गई. इस बैठक में बीसीबी की तरफ से उनके अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल, जबकि पीसीबी की तरफ से मोहसिन नकवी ने शिरकत किया, जबकि आईसीसी की तरफ से उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा ने हिस्सा लिया.
रिपोर्ट के मुताबिक यह बैठक करीब चार घंटे तक चली. मगर कोई संयुक्त घोषणा जारी नहीं की गई. डॉन के पीसीबी सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्ष पाकिस्तान सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही अपना फैसला सुनाएंगे.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से आईसीसी के सामने रखी गई प्रमुख मांगें
बांग्लादेश के लिए वित्तीय जुर्माना नहीं: पीसीबी ने जोर दिया है कि बांग्लादेश को आईसीसी से पूरी रेवेन्यू शेयर मिलनी चाहिए, जिस पर आईसीसी ने पहले ही सहमति जता दी है.
बांग्लादेश के लिए कम्पन्सटरी आईसीसी इवेंट: पीसीबी ने पिछले साल महिलाओं के टी20 वर्ल्ड कप को बांग्लादेश से दुबई शिफ्ट करने के बाद एक वैकल्पिक ग्लोबल टूर्नामेंट की मांग की है. अगले चक्र में अंडर 19 वर्ल्ड कप की संभावना है.
भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज: पीसीबी ने आईसीसी से हस्तक्षेप करने की मांग की, लेकिन आईसीसी ने यह कहते हुए मांग को खारिज कर दिया कि द्विपक्षीय सीरीज उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश त्रिकोणीय सीरीज: इस प्रस्ताव को भी आईसीसी ने खारिज कर दिया.
2026 में बांग्लादेश का भारत दौरा: आईसीसी ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि दौरे द्विपक्षीय रूप से तय किए जाते हैं.
आईसीसी ने पीसीबी को 24 घंटे का समय दिया है, और जल्द ही एक फोलो-अप मीटिंग होने की संभावना है.
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