Nitish Kumar Reddy: "मैंने पिता को रोते हुए देखा.." नीतीश रेड्डी की जिंदगी का बड़ा टर्निंग प्वाइंट, ऑलराउंडर ने किया खुलासा

Nitish Kumar Reddy Recalls Father Financial Struggles: नीतीश रेड्डी की मानें तो वह अपने शुरुआती दिनों में क्रिकेट को लेकर "गंभीर" नहीं थे. लेकिन उनके लिए तब सब कुछ बदल गया जब उन्होंने अपने पिता की आंखों में वित्तीय संघर्षों के कारण आंसू देखे.

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Nitish Kumar Reddy: नितीश रेड्डी ने अपनी जिंदगी के बड़ा टर्निंग प्वाइंट का खुलासा किया है

India vs Australia Test Series, Nitish Kumar Reddy: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज का पहला मुकाबला पर्थ में खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम ने 295 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. पर्थ टेस्ट में भारत पहली पारी में सिर्फ 150 रन बना पाई थी और इसमें नीतिश रेड्डी का अहम योगदान रहा था, जिन्होंने 41 रनों की पारी खेलकर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था. उन्हें नीतीश रेड्डी की मानें तो वह अपने शुरुआती दिनों में क्रिकेट को लेकर "गंभीर" नहीं थे. लेकिन उनके लिए तब सब कुछ बदल गया जब उन्होंने अपने पिता की आंखों में वित्तीय संघर्षों के कारण आंसू देखे.

यह युवा ऑलराउंडर के लिए एक टर्निंग प्वाइंट था. इसके बाद उन्होंने क्रिकेट को गंभीरता से लिया. उन्होंने कड़ी मेहनत करने और खेल में सफलता हासिल करने की कसम खाई, जिसकी परिणति पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में भारत के लिए शानदार डेब्यू के रूप में हुई. रेड्डी ने ऑप्टस स्टेडियम में पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हेज़लवुड जैसे घातक गेंदबाजों के सामने पहली पारी में 41 रन और दूसरी पारी में 38 रन बनाए. उन्होंने मैच में एक विकेट भी झटका.

बीसीसीआई ने गुरुवार को नीतीश रेड्डी का एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में नीतीश ने कहा,"ईमानदारी से कहूं तो जब मैं छोटा था तो मैं गंभीर नहीं था." नीतीश रेड्डी ने आगे कहा,"मेरे पिता ने मेरे लिए अपनी नौकरी छोड़ दी और मेरी कहानी के पीछे बहुत त्याग है. एक दिन, मैंने उसे वित्तीय समस्याओं के कारण रोते हुए देखा, जिसका हम सामना कर रहे थे, और मुझे लगा, कि तुम ऐसे नहीं हो सकते... कि मेरे पिता ने बलिदान दिया और तुम सिर्फ मनोरंजन के लिए क्रिकेट खेलते हो."

नीतीश ने आगे कहा,"उस वक्त मैं सीरियस हो गया और मुझे ग्रोथ मिल गई.' मैंने कड़ी मेहनत की और उसका फल मिला. एक मध्यमवर्गीय परिवार का बेटा होने के नाते मुझे बहुत गर्व है कि मेरे पिता अब खुश हैं. मैंने अपनी पहली जर्सी उन्हें दी और उनके चेहरे पर खुशी देखी."

21 वर्षीय खिलाड़ी को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एडिलेड ओवल में हो रहे पिंक-बॉल टेस्ट में भारतीय प्लेइंग इलेवन में बरकरार रखा गया है. पर्थ के बाद उन्होंने कैनबरा में प्रधान मंत्री XI के खिलाफ दिन-रात अभ्यास मैच में 32 गेंदों में 42 रन बनाए थे. पर्थ में दूसरी पारी में, रेड्डी ने अपने हीरो विराट कोहली के साथ 77 रन की अटूट साझेदारी की थी. बता दें, विराट कोहली ने ही नीतीश को उनके डेब्यू टेस्ट में कैप सौंपी थी. इस तरह बचपन का सपना पूरा हुआ.

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उस समय को याद करते हुए जब उन्होंने 2018 बीसीसीआई पुरस्कार समारोह के दौरान कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ एक सेल्फी ली थी, रेड्डी ने कहा, "यह एक सेफ्टी फोटो थी, उस समय वह (विराट कोहली) बहुत फेमस थे. मुझे लगा कि अगर मैं बाद में फोटो का मौका नहीं मिलेगा, अभी एक फोटो ले लेते हैं. यह मुझे मेरे बचपन की याद दिला रहा है. मैं बचपन से ही विराट भैया का बहुत बड़ा फैन था. मैं उनका हर मैच देखता था, ताकि वह शतक बनाए और इसका जश्न मनाए."

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