कोई भी टूर्नामेंट हो, ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम हमेशा फेवरेट रहती है. टी-20 वर्ल्ड कप से पहले भी ऑस्ट्रेलिया फेवरेट टीमों में से एक के तौर पर उभरी थी लेकिन मोड़ तब आया जब उसे जिम्बाब्वे ने हरा दिया. ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला मैच आयरलैंड से जीता था, लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे ने उसे 23 रनों से हरा दिया. इससे अब ऑस्ट्रेलिया के क्वालिफिकेशन की उम्मीदों पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है.
13 फरवरी को खेले गए मुकाबले में जिम्बाब्वे ने 169 रनों का टारगेट रखा. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 146 रन ही बना सकी. इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलिया की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 19.3 ओवरों में ही ऑलआउट हो गई. टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ये दूसरी बार था जब जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराया था. इससे पहले 2007 में ऐसा हुआ था.
ऑस्ट्रेलिया की टीम पर खतरा क्यों?
ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने दो मुकाबले खेल चुकी है, जिसमें से एक ही जीती है. ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया अभी तीसरे नंबर पर है. टूर्नामेंट से पहले ऑस्ट्रेलिया ने मिचेल मार्श को कैप्टन बनाया था. हालांकि, चोट के कारण वह बाहर हो गए. अब ट्रैविस हेड के पास कप्तानी है. चोटों का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ. मार्श के बाद जोश हेजलवुड और पैट कमिंस भी बाहर हो गए. उनकी जगह नाथन एलिस और बेन ड्वारशुइस को शामिल किया गया है.
अब कैसे क्वालिफाई कर सकता है ऑस्ट्रेलिया?
दो मैचों में से एक जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया अभी ग्रुप स्टैंडिंग में तीसरे नंबर पर है. ग्रुप स्टेज में अभी उसके दो मैच बाकी हैं. 16 फरवरी को श्रीलंका और 20 फरवरी को ओमान के खिलाफ खेलना है. क्वालिफिकेशन का सबसे सीधा रास्ता है और वह यह की ऑस्ट्रेलिया अपने दोनों मैच जीत जाए. ऐसा करके ऑस्ट्रेलिया के 6 पॉइंट्स हो जाएंगे, जिससे उसके टॉप-2 में रहने और सुपर 8 स्टेज में आगे बढ़ने की उम्मीद काफी बढ़ जाएगी.
अगर नहीं जीत पाई तो...?
अगर ऑस्ट्रेलिया अपने बचे दो में से एक भी मैच हार जाती है तो भी वह क्लालिफाई कर सकता है लेकिन फिर उसे दूसरी टीमों पर निर्भर रहना होगा. अगर श्रीलंका और जिम्बाब्वे अपने बचे हुए ग्रुप मैच हार जाते हैं तो कई टीमें पॉइंट्स पर बराबर हो सकती हैं. ऐसे में फाइनल स्टैंडिंग नेट रन रेट (NRR) से तय होगी. इसका मतलब है कि ऑस्ट्रेलिया को अपना NRR बेहतर करने के लिए एक बहुत बड़ी जीत हासिल करनी होगी.
दोनों मैच हार गई तो फिर?
अगर ऑस्ट्रेलिया अपने बचे हुए दोनों मैच हार जाती है तो उसका सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो जाएगा. हालांकि, ओमान पहले ही बाहर हो चुका है. ओमान को हराना ऑस्ट्रेलिया के लिए ज्यादा आसान होगा.














