Hardik Pandya Angry Reaction on Tilak Varma; GT IPL 2026: लगातार चार हार के बाद जीत की राह पर लौटते हुए, मुंबई इंडियंस के खुश कप्तान हार्दिक पांड्या ने कहा कि उन्हें हमेशा तिलक वर्मा की प्रतिभा पर भरोसा था और अब समय आ गया था कि हैदराबाद का यह खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करे, जैसा कि उसने सोमवार को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 99 रनों की जीत में किया. तिलक ने 45 गेंदों में नाबाद 101 रनों की शानदार पारी खेली. 22 गेंदों में 19 रन बनाने के बाद, दूसरे स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट के दौरान उन्हें अपने कप्तान से थोड़ी डांट सुननी पड़ी, और उसके बाद से ही खेल का रुख तेजी से बदल गया.
तिलक वर्मा ने रचा इतिहास
शुरुआती 22 गेंदों में तिलक ने सिर्फ 19 रन बनाए थे, लेकिन फिर 23 गेंदों में उन्होंने कहर बरपा दिया और 356.52 की स्ट्राइक रेट से 82 रन कूटे. जिसके बाद पावरप्ले में 3 विकेट गंवा चुकी मुंबई का स्कोर 20 ओवर बाद 199/5 था. तिलक ने अपनी पारी के दौरान एक खास मुकाम भी हासिल किया. तिलक अब आईपीएल इतिहास में मुंबई इंडियंस के लिए सबसे तेज शतक लगाने के मामले में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं.
तिलक को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं - हार्दिक
"मुझे लगता है कि मेरा संदेश यह था, मैंने महसूस किया कि तिलक में जिस तरह की प्रतिभा है, उसे वास्तव में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. इसलिए मेरा संदेश उसे बस इतना था कि गेंद को देखो और गेंद को मारो. अब समय आ गया था कि वह मैदान पर उतरे और अपना कमाल दिखाए. यह तिलक, पूरी टीम और मुंबई इंडियंस के लिए बहुत ज़रूरी था," पांड्या ने मैच के बाद कहा.
पहली बार MI ने अहमदाबाद में जीत हासिल की
यह पहली बार था जब MI ने अहमदाबाद में जीत हासिल की और पांड्या का मानना है कि यह "वह मैच" हो सकता है, जिसके बाद उनकी टीम के लिए सब कुछ सही दिशा में जाने लगेगा. "बाहर जाकर जीतना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन साथ ही अहमदाबाद मुंबई इंडियंस के लिए एक मुश्किल जगह रही है. हमने अच्छा क्रिकेट खेला. यह बहुत खास महसूस हो रहा है क्योंकि इसकी बहुत ज़रूरत थी." उन्होंने उन आलोचकों पर भी तंज कसा, जिन्होंने जसप्रीत बुमराह को शुरुआत में गेंदबाज़ी न देने के फैसले पर सवाल उठाए थे.
"यह काफी दिलचस्प है. मैं देखता हूं कि बहुत से लोग पूछते हैं कि 'जस्सी' (बुमराह) को शुरुआत में गेंदबाज़ी क्यों नहीं दी जाती, लेकिन 140 से ज़्यादा मैचों में उन्होंने सिर्फ़ 7 या 8 बार ही पहला ओवर डाला है. इसलिए यह हार्दिक पांड्या की समस्या नहीं है, यह सबकी समस्या है, क्योंकि बुमराह इतने खास हैं कि आप उन्हें बाद में इस्तेमाल करना चाहते हैं."
तिलक के लिए, उनका पहला शतक वाकई बहुत खास था. बेशक, पहला शतक हमेशा खास होता है. यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था. अब हमारे पास ज़्यादा समय नहीं बचा है. हमारे लिए हर मैच महत्वपूर्ण है. "पिछले पांच मैचों में, मुझे पिच पर ज़्यादा समय बिताने का मौका नहीं मिला था. इसलिए इस मैच में मैं पिच पर समय बिताना चाहता था." "तो आपने पहली 20 गेंदें देखीं, मैं बस एक-एक गेंद देखकर बैटिंग कर रहा था. और फिर बाद में, मुझे अपनी काबिलियत का एहसास हुआ," उन्होंने आखिरी 23 गेंदों पर 82 रन बनाने के बारे में कहा.
"मैं बस हालात और टीम की जरूरत को देख रहा था और मैं शांत रहा, अपना ध्यान भटकाए बिना अपने बेसिक्स पर कायम रहा. मेरे पास सभी तरह के फैंसी शॉट्स हैं, लेकिन जब टीम दबाव में होती है, तो बस अपनी काबिलियत पर भरोसा करना होता है, और आज इसका मुझे अच्छा नतीजा मिला." गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल साफ तौर पर निराश दिखे और उन्होंने आखिरी छह ओवरों के बारे में अपनी बात साफ-साफ कही, जिनमें उन्होंने 95 रन लुटा दिए.














