- सुंदर को पसली की चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर होना पड़ा
- आयुष बडोनी मुख्यतः बल्लेबाज हैं और ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं
- सरनदीप सिंह ने बताया कि बडोनी ने गेंदबाजी में सुधार किया है और ऑलराउंडर की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे हैं
Ayush Badoni as Washington Sundar, IND vs NZ: वाशिंगटन सुंदर वडोदरा में खेले गए पहले वनडे मैच में पसली में चोट लगने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज से बाहर हो गए हैं. उनकी जगह आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया गया है जिसको लेकर बहस तेज हो गई है. दरअसल, किसी ने सोचा तक नहीं था कि ऑलऱाउंडर के रिप्लेसमेंट के बदले टीम में किसी बल्लेबाज को मौका मिलेगा. यही कारण है कि बडोनी के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किए जाने पर बवाल मचा हुआ है. दरअसल, सवाल उठ रहे हैं कि बडोनी एक बल्लेबाज हैं और सुंदर ऑलराउंडर, ऐसे में ऑलराउंडर के रिप्लेसमें के तौर पर ऑलराउंडर को ही टीम में आना चाहिए था.
बडोनी को क्यों मिला मौका? क्या गंभीर फैक्टर है इसमें भी !
बडोनी मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं जो ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं. वह दिल्ली के कप्तान भी रह चुके हैं और विजय हजारे ट्रॉफी में उप कप्तान की भूमिका निभा रहे थे. इस 26 वर्षीय खिलाड़ी ने इंडियन प्रीमियर लीग में लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से अच्छा प्रदर्शन करके लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा था. लखनऊ की टीम में वह भारत के वर्तमान मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में खेले थे. बडोनी का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बल्लेबाजी औसत 57.96 है, लेकिन लिस्ट ए क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं है.उन्होंने लिस्ट ए के 27 मैचों में औसतन 36.47 रन बनाए हैं और मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने बल्लेबाजी की बजाय गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है.
दिल्ली के मुख्य कोच सरनदीप सिंह ने बताया, बडोनी को क्यों मिला मौका?
दिल्ली के मुख्य कोच सरनदीप सिंह ने कहा, ‘‘वह नेट में बल्लेबाजी करने के बाद हर अभ्यास सत्र में कम से कम 30 गेंदें फेंकता है. वह समझता है कि भारतीय टीम में एक अदद ऑलराउंडर के रूप में अपनी जगह बनाने के लिए उसे अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी में सुधार करना होगा.' उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक साल में गेंदबाज के रूप में उसने अपने प्रदर्शन में काफी सुधार किया है. वह हमारे लिए नियमित रूप से विकेट ले रहा है. वह समझदार क्रिकेटर है और बहुत जल्दी सीखता है. उसकी ऑफ-स्पिन तेजी से घूमती है और वह कैरम बॉल और आर्म बॉल भी कर लेता है.''
इन खिलाड़ियों का घरेलू क्रिकेट में परफॉर्मेंस अच्छा
हर्ष दुबे
हर्ष दुबे घरेलू क्रिकेट में विदर्भ टीम की ओर से खेलते हैं. उन्होंने 2024-25 रणजी ट्रॉफी में रिकॉर्ड-तोड़ 69 विकेट लेकर सुर्खियां बटोरीं और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए थे. आईपीएल 2025 में भी इस ऑलराउंडर ने बेहतरीन परफॉर्मेंस किया था. हर्ष दुबे एक बेतरीन स्पिनर हैं और बल्लेबाजी में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे हैं. दुबे ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 25 मैच में 1000 रन बना चुके हैं जिसमें 9 अर्धशतक शामिल है, गेंदबाजी में 125 विकेट चटका चुके हैं.
शम्स जाकिर मुलानी
वहीं, हाल के समय में शम्स जाकिर मुलानी का भी परफॉर्मेंस घरेलू क्रिकेट में शानदार रहा है. शम्स जाकिर मुलानी एक ऑलराउंडर हैं, जो बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं. इस ऑलराउंडर ने अबतक 56 फर्स्ट क्लास मैचों में 2480 रन बनाए हैं और कुल 263 विकेट लिए हैं. फर्स्ट क्लास में मुलानी ने एक शतक और 21 अर्धशतक जमाए हैं. भारती क्रिकेट में शम्स जाकिर मुलानी एक टैलेंटड खिलाड़ी के तौर पर मौजूद हैं लेकिन टीम इंडिया में आने के लिए उनका यह ऑलराउंडर टैलेंट अभी भी कम पड़ रहा है.
क्या हो गई जल्दबाजी !
भले ही बडोनी एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने आईपीएल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट और गंभीर ने बडोनी को टीम में शामिल करने के लिए जल्दबाजी की है. बडोनी ने अबतक 21 फर्स्ट क्लास मैच हैं और 27 लिस्ट-ए मैच खेले हैं. भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का दूसरा मैच 14 जनवरी को खेला जाएगा. ऐसे में अब देखना होगा कि क्या बडोनी को दूसरे वनडे में खेलेन का मौका मिलेगा.
अपडेटेड भारतीय वनडे टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर* (उपकप्तान), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जड़ेजा, नितीश कुमार रेड्डी, आयुष बदोनी, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह.














