- PCB ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच बॉयकॉट की घोषणा के बाद फिर से अपना रुख बदल लिया है
- पाकिस्तान ने पिछले कई टूर्नामेंटों में विवादित बयान दिए और बाद में ICC और अन्य दबावों के कारण निर्णय बदला है
- 2023 एशिया कप में पाकिस्तान ने शुरुआत में हाइब्रिड मॉडल का विरोध किया था, लेकिन बाद में उसे स्वीकार कर लिया था
IND vs PAK Match in T20 World Cup 2026: अपने ही बयानों से पलटना पाकिस्तान की पुरानी फितरत रही है. यह कोई पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) बड़ी-बड़ी धमकियां देता है, फिर मुड़कर पीछे हट जाता है. यही कारण है कि कई क्रिकेट विशेषज्ञ इसे 'हेकड़ी दिखाना' कह रहे हैं. पाकिस्तान कई बार टूर्नामेंटों में विवादित बयान देकर दुनिया को चौंकाता रहा है, लेकिन बाद में यू-टर्न लेकर मैदान में उतरता या मुद्दा सुलझा लेता है.
2026 T20 वर्ल्ड कप विवाद: पाकिस्तान फिर बदल सकता है रुख
पाकिस्तान ने 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में भारत के खिलाफ अपना टी20 वर्ल्ड कप ग्रुप मैच बॉयकॉट करने की घोषणा की थी. बांग्लादेश के समर्थन के बहाने और सुरक्षा/राजनीतिक तनाव के रुख के चलते यह फैसला लिया. लेकिन ICC, BCCI और श्रीलंका के दबाव के बाद PCB और पाक सरकार ने मैच खेलने का निर्णय लिया है, यानी एक बार फिर पाकिस्तान ने 360 डिग्री का U-turn ले लिया है
पहली बार नहीं जब PCB ने लिया हो U-Turn
T20 वर्ल्ड कप 2026
PCB ने शुरुआत में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की बात कही. लेकिन बाद में ICC, अन्य बोर्ड और सरकारी बातचीत के बाद शहबाज सरकार ने क्रिकेट बोर्ड को स्पष्ट कहा है कि वे मैच खेलें.
एशिया कप 2025
PCB ने मैच रेफरी हटाने की मांग पूरी न होने पर टूर्नामेंट का बहिष्कार करने की धमकी दी, लेकिन अंत में पाकिस्तान ने यूएई के खिलाफ मैच खेला और टूर्नामेंट जारी रखा.
ICC चैम्पियंस ट्रॉफी 2025
जब भारत ने पाकिस्तान में मैच खेलने से इनकार किया और मैच यूएई के न्यूट्रल वेन्यू पर हुए, तब PCB ने शुरुआत में कड़ा रुख अपनाया था लेकिन बाद में वही पाकिस्तान ICC व्यवस्था के साथ सहमत हो गया.
2023 वनडे विश्व कप
पूर्व पीसीबी प्रमुख रमीज़ राजा और अन्य अधिकारियों ने शुरू में कहा था कि भारत द्वारा एशिया कप के लिए पाकिस्तान आने से इनकार करने के जवाब में पाकिस्तान विश्व कप के लिए भारत नहीं जाएगा. महीनों की अनिश्चितता और तटस्थ स्थानों की मांग के बाद, पाकिस्तान सरकार ने अंततः 6 अगस्त, 2023 को टीम को भारत में भाग लेने की आधिकारिक अनुमति दे दी. यहां भी लंबी उठापटक के बाद पाकिस्तान को झुकना ही पड़ा.
2023 एशिया कप हाइब्रिड मॉडल (जून 2023)
पाकिस्तान ने शुरू में जोर देकर कहा था कि अगर एशिया कप पूरी तरह से देश से बाहर आयोजित किया जाता है तो वह इसमें भाग नहीं लेगा. बाद में उन्होंने अपना रुख बदलते हुए 'हाइब्रिड मॉडल' को स्वीकार कर लिया, जिसके तहत केवल चार मैच पाकिस्तान में खेले गए, जबकि शेष (फाइनल सहित) श्रीलंका में खेले गए.
2016 टी20 विश्व कप (मार्च 2016)
पाकिस्तान ने शुरू में सुरक्षा चिंताओं, विशेष रूप से धर्मशाला में निर्धारित आयोजन स्थल को लेकर, भारत जाने से इनकार कर दिया था. एक सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट और आईसीसी द्वारा मैच को कोलकाता ट्रांसफर करने के बाद, टीम ने अपना फैसला बदल दिया और भारत में आकर ही मैच खेला. पहले जो पाकिस्तान भारत आने में आनाकानी कर रहा था बाद में उसी पाकिस्तान ने भारत में आकर मैच खेला.
आखिर पलट क्यों जाता है पाकिस्तान
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि PCB की धमकियां अक्सर आर्थिक दबाव, ICC के राजस्व हिस्सों, और वैश्विक क्रिकेट संरचना के सामने टिकी नहीं रहतीं. बीते मामलों से यह साफ होता है कि पाकिस्तान कठोर बयानबाज़ी के बाद पीछे हट जाता है, खासकर जब ICC या दूसरे बोर्ड आर्थिक/नियमों के आधार पर कड़ा रुख अपनाते हैं.
मजबूर है पाकिस्तान
क्रिकेट जगत में PCB का हेकड़ी दिखाना अब कोई नई बात नहीं. बयानबाजी और फिर राजनीतिक/ICC दबाव में रुख बदलना पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक आम तस्वीर बन चुकी है. इस बार भी वे शुरू में कड़ा रुख रख रहे थे, लेकिन तेजी से बदलते हालात ने उन्हें U-turn की ओर धकेल दिया है. भले ही बयानबाजी जोरदार हो, क्रिकेट की वास्तविकता और ICC के नियमों/दबाव के सामने अक्सर पाकिस्तान को अपनी बात पीछे हटानी पड़ रही है.














