- रोहित शर्मा का फिटनेस टेस्ट 13 सितंबर को बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित होगा
- ब्रोंको टेस्ट में खिलाड़ियों को लगातार छह मिनट में पांच सेट शटल रनिंग करनी होती है
- बीसीसीआई अब विशेष रूप से उन खिलाड़ियों पर नजर रख रही है जो केवल वनडे क्रिकेट खेलते हैं
Rohit Sharma fitness Test: चर्चा लगभग वैसी उसी दिशा की ओर इशारा कर रही है, जिसका जिक्र हाल ही में भारतीय पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) ने किया था हाल ही में टीम इंडिया के लिए शुरू किया गया ब्रोंको टेस्ट (Bronco Test) रोहित शर्मा और 'उन जैसे' खिलाड़ियों को साल 2027 विश्व प्लानिंग से बाहर रखने के लिए लाया गया है. मनोज को यह बात कहे हुए करीब तीन दिन भी नहीं बीते होंगे कि बीसीसीआई ने रोहित शर्मा को फिटनेस टेस्ट के लिए तलब कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार रोहित का फिटनेस टेस्ट 13 सितंबर को बेंगलुरु स्थिति सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (पूर्व में एनसीए) में होगा. यहां पर उन्हें यो-यो और ब्रोंको दोनों टेस्ट से गुजारा जाएगा.
बोर्ड के एक नजदीकी सूत्र ने बताया, 'हां यह सही है कि रोहित 13 सितंबर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होंगे. साथ ही, रोहित सेंटर पर नेट प्रैक्टिस में भी हिस्सा लेंगे.' उन्होंने कहा, 'फिलहाल सेंटर के मुख्य 'ए' मैदान पर दलीप ट्रॉफी फाइनल भी 11-15 सितंबर को खेला जाएगा, तो रोहित का टेस्ट और ट्रेनिंग दूसरे मैदान पर होगी.' बहरहाल, रोहित की इस कॉल से साफ है कि अब बीसीसीआई की उन खिलाड़ियों पर बारीक नजर है, जो सिर्फ वनडे ही खेल रहे हैं. नवंबर में टीम इंडिया अपनी अगली वनडे सीरीज (3 वनडे) के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी. जाहिर है कि तमाम सितारों को अब खुद को साबित करने के लिए यो-यो और ब्रोंको टेस्ट पास करना होगा.
जानिए कितना मुश्किल है ब्रोंको टेस्ट
ब्रोंको टेस्ट में 20, 40 और 60 मीटर की शटल रनिंग करनी होती है. एक सेट में तीन दौड़ शामिल हैं. और खिलाड़ियों पांच लगातार सेट छह मिनट के भीतर करने होते हैं. मतलब यह है कि खिलाड़ियों को बिना किसी ब्रेक के 1200 मीटर दौड़ना होता है. और इसके जरिए स्टेमिना, स्पीड और कंडीशनिंग का आंकलन किया जाता है.
इसलिए फायदेमंद है ब्रोंको
वैसे जहां पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी यहां तक कह गए कि ब्रोंको टेस्ट रोहित शर्मा और उनके जैसे (फिटनेस स्तर) को विश्व कप 2027 प्लान से बाहर रखने के लिए लाया गय है, लेकिन टीम इंडिाय से जुड़े रहे रामजी श्रीनिवासन ने इस फैसले को शानदार करार दिया है. उन्होंने कहा, यह एक ऐसा टेस्ट है, जो किसी भी समय और कहीं भी आयोजित किया जा सकता है. यह पूरी तरह से उचित है, जो शानदार बात है और पूरे विश्व में प्रचलित है. तमाम लोग यो-यो से इस टेस्ट पर आ गए हैं और इसके परिणाम बहुत ही वास्तविक दिखते हैं.