IPL 2026: दो साल में इकाना स्टेडियम की पिच बनी 'पैसेंजर' से 'एक्सप्रेस', अब रन बरसेंगे झमाझम , जानें किस बात ने बदल दी पिच की तासीर

Lucknow Super Giants vs Delhi Capitals: यह सही है कि इकाना स्टेडियम में बुधवार को खेले गए मुकाबले में पिच ने 'पुराना चेहरा' दिखाया, लेकिन यह पिच से ज्यादा बल्लेबाजों का चेहरा था. आने वाले मैचों में यहां झमाझम रन बरसेंगे

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
LSG vs DC: इकाना स्टेडियम में आने वाले मैचों में बड़े स्कोर देखने को मिलेंगे
X: social Media

यह सही है कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में लखनऊ की इकाना स्टेडियम की पिच एक बार फिर से अपना पुराना 'चेहरा और चरित्र' दिखाया, लेकिन पिछले दो साल के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि इस स्टेडियम की पिच अब 'पैसेंजर' से 'एक्सप्रेस' बन चुकी है. करीब तीन-चार साल पहले तक पूर्व दिग्गज और फैंस इकाना की पिच से बहुत ही ज्यादा न केवल निराश थे, बल्कि इनमें गुस्सा भी था. वजह थी न केवल पिच का जरूरत से ज्यादा धीमा होना, बल्कि दोहरा उछाल भी देखने को मिला था. नतीजा यह होता था कि लखनऊ सहित टीवी फैंस को झमाझम चौके-छक्के देखने को नहीं ही मिल पाते थे. उम्मीद से कहीं लो-स्कोर, कप्तानों का तीन स्पिनर खिलाना और मैच बहुत हद तक वनडे के बीच के ओवरों जैसा चलना, लेकिन पिछले 2 सालों में इकाना की पिच की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. आंकड़े इसकी पूरी-पूरी गवाही दे रहे हैं. 

दो साल में गजब का बदलाव

साल 2023-25 के बीच इकाना की पिच पर स्कोरिंग नेट रन-रेट 7.36 से लेकर 9.83 हो गया. और यह आंकड़ा खुद में बताने के लिए काफी है कि पिच का कैरेक्टर कैसे बदला है. लेकिन यह अपने आप या अनायस ही नहीं हुआ. प्रबंधन ने आलोचकों और फैंस की निराशा को स्वीकार किया. इसके बाद इन्होंने इकाना की पिच पर गंभीरता से काम किया. 

लाल मिट्टी की पिच बनाई गईं

 इकाना के प्रबंधकों ने तमाम रिपोर्ट को पूरी गंभीरता से लिया. तमाम दिग्गज क्यूरेटरों और BCCI के आला आधिकारियों से फीडबैक भी लिया. इसी के बाद साल 2024 और 2025 के सीजन के लिए पिच पर नए सिरे से लाल मिट्टी का इस्तेमाल किय गया. ठीक मुंबई के वानखेड़े और गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम की तरह. पिच पर लाल मिट्टी आई, तो उछाल, टाइमिंग और रनों में बढ़ोत्तरी भी लेकर आई और इसने इकाना की पिच को पैसेंजर से एक्सप्रेस में तब्दील कर दिया. आप नीचे दिए गए आंकड़ों पर भी नजर डालें.

IPL 2023 (7.36 रन प्रति ओवर): यह एक बेहद धीमी पिच थी. यहां गेंद नीची रहती थी और स्पिनर्स का दबदबा था. बल्लेबाजों के लिए टाइमिंग और स्ट्रोक हासिल करना दोनों ही खासा मुश्किल था. 

IPL 2024 (8.94 रन प्रति ओवर): पिच को दोबारा बनाया गया, तो परिणाम भी मिला. न केवल पिच की मिट्टी बदली गई, बल्कि बाउंड्री भी छोटी गई. नतीजा यह हुआ कि स्कोर 160-180 तक पहुंचना शुरू हो गया.

Advertisement

IPL 2025 (9.83 रन प्रति ओवर): पिछले साल यह मैदान पूरी तरह से बदल चुका था. साल 2025 के दौरान औसतन हर ओवर में लगभग 10 रन बने, जो इसे भारत के सबसे हाई-स्कोरिंग मैदानों में से एक बनाता है. और इस बार पूरी उम्मीद है कि मैच दर मैच इकाना स्टेडियम में रनों का आंकड़ा और ऊपर जाएगा. 

शुरुआत काली मिट्टी से हुई थी

शुरुआती सीजन में यहा मुख्य रूप से काली मिट्टी से पिच तैयार की गई थी. काली मिट्टी की खासियत यह है कि यह जल्दी सूखती है और इसमें दरारें पड़ती हैं. नतीजा यह होता है कि गेंद रुककर आती है, दोहरा उछाल भी देखने को मिलता और स्पिनर इसे दोनों हाथों से भुनाते हैं. बल्लेबाजों के लिए इस फॉर्मेट में टाइमिंग हासिल करना और स्ट्रोक खेलना दोनों ही आसान नहीं होता. यही वजह थी कि साल 2023 में इकाना में 130-140 रन बनाना भी मुश्किल होता था.

Advertisement


 

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat ki Baat Batata Hoon | अब NATO से भिड़े Trump! Iran War में 8 भारतीयों की मौत