ईरान-US के तनाव से भारत में सप्लाई चेन बाधित होकर कई उद्योगों की उत्पादन लागत और उपलब्धता प्रभावित हो रही है. ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण कंस्ट्रक्शन सेक्टर में लागत बढ़ी है और कई प्रोजेक्ट्स में देरी होने लगी है. पेट्रोकेमिकल कच्चे माल की कमी से कंडोम उद्योग प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है.