दिल्ली में जहरीली हवा से मामूली राहत, 400 से नीचे AQI, लेकिन सांसों पर अभी भी संकट

वायु प्रदूषण का केवल एक छोटा हिस्सा पराली जलाने और दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने से होता है. सर्दी में थोड़ा प्रदूषण बढ़ता है, लेकिन ये प्रमुख कारण नहीं हैं. वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहन हैं. वाहनों से होने वाला वायु प्रदूषण पूरे साल जारी रहता है, इसका योगदान लगभग 35 प्रतिशत है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • दिल्ली में रविवार सुबह का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 270 दर्ज हुआ जो खराब श्रेणी में आता है
  • लगातार 16 दिनों तक दिल्ली की हवा बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में थी, अब AQI में सुधार दिख रहा है
  • हवा की दिशा और गति में बदलाव तथा पराली जलाने में कमी से दिल्ली की हवा में प्रदूषण स्तर घटा है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

दिल्ली की हर सुबह अब सिर्फ ठंडक नहीं, बल्कि धुंध और धुएं का मिश्रण लेकर आती है. राजधानी की हवा में घुला यह जहर लोगों की सांसों पर भारी पड़ रहा है. रविवार सुबह यानी कि आज 6:05 बजे तक दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 270 दर्ज किया गया, जो ‘Poor' (खराब) श्रेणी में है. हालांकि राहत की बात ये है कि आज 16 दिन एक्यूआई में सुधार हुआ है. इससे पहले लगातार 16 दिन तक AQI बेहद खराब श्रेणी और गंभीर श्रेणी में दर्ज किया जा रहा था, उस लिहाज से देखा जाए तो दिल्ली को लगभग 2 हफ्ते बाद राहत की सांस मिली है.

दिल्ली की हवा में क्यों आया मामलूी सुधार?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की दिशा और गति में बदलाव तथा पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में कमी से प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है. स्काईमेट वेदर के वाइस प्रेसिडेंट महेश पलावत ने बताया कि अगले दो दिनों तक हवा की गति तेज रहने की संभावना है, जिससे AQI ‘Severe' यानी की गंभीर श्रेणी में नहीं जाएगा. हालांकि खराब AQI से नीचे आने में समय लगेगा.

दिल्ली में कहां सबसे ज्यादा जहरीली हवा

इलाकाAQI
शादीपुर336
जहांगीरपुरी324
नेहरू नगर319
आर.के. पुरम308
दिलशाद गार्डन303
सिरीफोर्ट 295
रोहिणी292
विवेक विहार 290
पुसा284

ये भी पढ़ें : दिल्ली में जहरीली आबोहवा से सांसों का संकट, AQI 350 के पार, कब मिलेगी राहत

पिछले कुछ दिनों में दिल्ली की हवा का क्या हाल

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, राजधानी का ओवरऑल AQI शनिवार को 305 रहा, जबकि शुक्रवार को यह 369, गुरुवार को 377, बुधवार को 327, मंगलवार को 352 और सोमवार को 382 था. CPCB के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को 'अच्छा', 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' माना जाता है.

ये भी पढ़ें : दिल्ली से मुंबई अदालतों में AQI: जहरीली हवा पर जादू की छड़ी से लेकर ज्वालामुखी तक सब कुछ जानिए

पुणे के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम ने अनुमान लगाया कि शनिवार को दिल्ली के पॉल्यूटेंट्स में गाड़ियों से निकलने वाले एमिशन का हिस्सा 18.7 परसेंट था. रविवार को इसके लगभग 18.6 परसेंट रहने का अनुमान है.

कांग्रेस ने दिल्ली में वायु प्रदूषण की तुलना 'धीमे जहर' से करते हुए कहा कि सरकार को इस 'राष्ट्रीय समस्या' पर सभी हितधारकों के साथ बातचीत करनी चाहिए और इस मुद्दे से निपटने के लिए सांसदों के स्तर की समिति बनाने पर भी विचार करना चाहिए. कांग्रेस ने भाजपा-आप पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारों को लोकलुभावन राजनीति करने के लिए बहुत समय मिलेगा, लेकिन यदि वे सारा पैसा मुफ्त की योजनाओं पर खर्च कर देंगी तो बुनियादी सुविधाओं के लिए धन नहीं बचेगा.

Advertisement

ये भी पढ़ें : दिल्ली, नोएडा ही नहीं, मुंबई की हवा भी खराब... बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने BMC से मांगा एक्शन प्लान

Featured Video Of The Day
Kushalta Ke Kadam: घर से सफलता तक...तीन महिलाओं की प्रेरक कहानियां | NDTV India
Topics mentioned in this article