
काम के तौर तरीकों और कार्यस्थल के भविष्य में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है। इसमें आज औसत रोजगार के मुकाबले ज्यादा लचीलापन आ रहा है। पीडब्ल्यूसी के अध्ययन में कहा गया कि इस बदलाव के चलते अगले पांच साल में कर्मचारी वेतन के बजाय कॉर्पोरेट मूल्य पर ज्यादा ध्यान देंगे। पीडब्ल्यूसी के अध्ययन के मुताबिक दो-तिहाई कर्मचारी यह मानते हैं कि आजीविका का भावी रास्ता कर्मचारी स्वयं तय करेंगे न कि उनकी कंपनियां।
रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में हिस्सा लेने वाले 63 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आठ घंटे काम की अवधि अप्रचलित हो जाएगी और 68 प्रतिशत का कहना है कि पारंपरिक दफ्तर के जरिये काम करने के बजाय काम दूर रहकर भी किया जा सकता है।
पीडब्ल्यूसी की पद्मजा अलगनंदन ने कहा, 'यह साफ है कि काम के तौर तरीकों और कार्यस्थल के भविष्य में भारी बदलाव आ रहा है। अभी भी कार्यबल का बड़ा हिस्सा है जो पारंपरिक स्वरूप में परिचालन करना पसंद करता है जबकि अन्य उद्यमियों और नेटवर्क आधारित मॉडल के तौर पर काम कर रहे हैं जिसमें भागीदारों और सहयोगियों का साथ होता है।'
सर्वेक्षण के मुताबिक 86 प्रतिशत लोग स्वतंत्र होकर काम करना चाहते हैं क्योंकि इसके बारे में माना जाता है कि इसमें समय का लचीलापन होता है, काम के माहौल पर नियंत्रण होता है इसके साथ ही उन्हें ज्यादा कमाने के मौके तथा काम और जीवन के बीच बेहतर संतुलन में मदद मिलती है।
पीडब्ल्यूसी ने इस साल मई में दो ऑनलाइन सर्वेक्षण किये। एक कर्मचारियों के साथ किया गया जबकि दूसरा अधिकारियों एवं कार्यकारियों के साथ जो कि निर्णय लेते हैं और प्रत्यक्ष तौर पर नीतियों में बदलाव करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में हिस्सा लेने वाले 63 प्रतिशत लोगों का मानना है कि आठ घंटे काम की अवधि अप्रचलित हो जाएगी और 68 प्रतिशत का कहना है कि पारंपरिक दफ्तर के जरिये काम करने के बजाय काम दूर रहकर भी किया जा सकता है।
पीडब्ल्यूसी की पद्मजा अलगनंदन ने कहा, 'यह साफ है कि काम के तौर तरीकों और कार्यस्थल के भविष्य में भारी बदलाव आ रहा है। अभी भी कार्यबल का बड़ा हिस्सा है जो पारंपरिक स्वरूप में परिचालन करना पसंद करता है जबकि अन्य उद्यमियों और नेटवर्क आधारित मॉडल के तौर पर काम कर रहे हैं जिसमें भागीदारों और सहयोगियों का साथ होता है।'
सर्वेक्षण के मुताबिक 86 प्रतिशत लोग स्वतंत्र होकर काम करना चाहते हैं क्योंकि इसके बारे में माना जाता है कि इसमें समय का लचीलापन होता है, काम के माहौल पर नियंत्रण होता है इसके साथ ही उन्हें ज्यादा कमाने के मौके तथा काम और जीवन के बीच बेहतर संतुलन में मदद मिलती है।
पीडब्ल्यूसी ने इस साल मई में दो ऑनलाइन सर्वेक्षण किये। एक कर्मचारियों के साथ किया गया जबकि दूसरा अधिकारियों एवं कार्यकारियों के साथ जो कि निर्णय लेते हैं और प्रत्यक्ष तौर पर नीतियों में बदलाव करते हैं।
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