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This Article is From Dec 29, 2016

सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल बनने के लिए अब देना होगा एग्जाम, बोर्ड ने जारी किए निर्देश

सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल बनने के लिए अब देना होगा एग्जाम, बोर्ड ने जारी किए निर्देश
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नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) स्टूडेंट‌्स को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रहा है. दसवीं क्लास में दोबारा बोर्ड एग्जाम को जरूरी बनाने के प्रस्ताव के बाद अब सीबीएसई ने फैसला लिया है कि सीबीएसई एफिलिएटेड स्कूलों में कोई भी व्यक्ति सीधे प्रिंसिपल नहीं बन सकता. यानी अब इच्छुक व्यक्ति को सीबीएसई स्कूल में प्रिंसिपल बनने के लिए पीईटी यानि प्रिंसिपल एलिजिबिलिटी टेस्ट देना होगा. यही नहीं वर्तमान में भी जो लोग सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल हैं, उन्हें भी इस प्रक्रिया से गुजरना होगा.

जानकारी के अनुसार, सीबीएसई ने यह फैसला स्कूलों में गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए लिया है. बोर्ड के पास कई बार यह शिकायत आ चुकी है, जिनमें इस बात का जिक्र होता है कि कई स्कूल मालिक ही योग्य ना होने के बावजूद भी प्रिंसिपल का पद संभालते हैं, वहीं कई लोग रिटायर्ड होने के बाद सीबीएसई स्कूलों में प्रिंसिपल का पद संभाल लेते हैं. सीबीएसई के फैसले पर मानव संसाधान विकास मंत्रालय की मोहर लगनी बाकि है. इसके बाद यह देशभर में लागू हो जाएगा.

कैसे होगा प्रिंसिपल का सेलेक्शन और कौन कर सकता है अप्लाई
नई प्रक्रिया लागू होने के बाद प्रिंसिपल बनने के लिए सबसे पहले तो इच्छुक कैंडिडेट को पीईटी एग्जाम में पास होना अनिवार्य होगा. इस एग्जाम में सीनियर टीचर, वाइस प्रिंसिपल और वर्तमान प्रिंसिपल अप्लाई कर सकते हैं. अभी तक प्रिंसिपल का सेलेक्शन स्कूल के प्रेसिडेंट या सेक्रेटरी और मैनेजमेंट कमेटी मेंबर के फैसले के आधार पर होता है.

नई प्रक्रिया में संस्था के प्रेसिडेंट या सेक्रेटरी, मैनेजमेंट कमेटी मेंबर के अलावा एक सीबीएसई रिप्रेजेंटेटिव और एक राज्य सरकार के शिक्षा विभाग का प्रतिनिध होना अनिवार्य होगा. यदि चयन प्रक्रिया के दौरान निर्णय में सहमति ना बने तो फिर राज्य सरकार और सीबीएसई प्रतिनिधि का निर्णय ही मान्य होगा.

ऑनलाइन होगा पीईटी का एग्जाम
हालांकि सीबीएसई ने एग्जाम के लिए सिलेबस या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, लेकिन बताया जा रहा है कि प्रिंसिपल चयन प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन एग्जाम होगा. एग्जाम के बाद सीबीएसई की ओर से सफल कैंडिडेट को तीन से पांच साल तक का एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसके आधार पर वे किसी भी स्कूल में प्रिंसिपल के लिए अप्लाई कर सकते हैं. निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा प्रक्रिया से गुजरना होगा.

सीबीएसई गाइडलाइन्स के अनुसार स्कूलों में प्रिंसिपल के पद से रिटायर्ड होने के बाद प्रिंसिंपल नहीं बने रह सकते है. केवल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति को ही छह वर्ष तक के लिए एक्सटेंशन मिल सकता है. इच्छुक कैंडिडेट के पास सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं को 10 वर्ष तक पढ़ाने और प्रशासनिक अनुभव जरूरी होगा.

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