खास बातें
- अमेरिका की वित्तीय हालत और यूरोप के कर्ज संकट के कारण निवेशकों की बढ़ती चिंता के कारण वैश्विक बाजार करीब तीन फीसद गिरे।
लंदन: अमेरिका की वित्तीय हालत और यूरोप के कर्ज संकट के कारण निवेशकों की बढ़ती चिंता के कारण वैश्विक बाजार करीब तीन फीसद गिरे। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग एएए को घटाकर एएप्लस के बाद पहले दिन खुले एशियाई और यूरोपीय बाजार में गिरावट का रुख रहा। यूरोपीयन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) द्वारा सरकारी बैंकों की खरीद की पहले से उत्साहित इस क्षेत्र के मुख्य सूचकांक - एफटीएसई 100, डैक्स एंड कैक 40 - मजबूती के साथ खुले लेकिन दोपहर तक यह तेजी जाती रही और ज्यादातर शेयरों में एक फीसद से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। ज्यादातर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। टोक्यो से हांगकांग तक निवेशकों ने अफरा-तफरी में शेयर बेचे हालांकि भारत जैसे कुछ बाजारों में शेयरों के निम्न स्तर पर कुछ लिवाली भी दर्ज हुई। एशियाई बाजारों में चीन का बेंचमार्क शंघाई एसई कंपोजिट इंडेक्स 3.79 फीसद गिरकर 2,526.82 पर बंद हुआ। द. कोरिया का कोस्पी और एफटीएसई स्ट्रेट टाईम्स का सूचकांम भी करीब तीन फीसद गिरकर बंद हुआ। जापान का प्रमुख सूचकांक निक्की दो फीसद गिरा जबकि हांगकांग का हैंग सेंग दो फीसद से ज्यादा लुढ़का। इधर, भारत का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स में सबसे कम गिरावट दर्ज करने वालों में शुमार रहा। सुबह के नुकसान की भरपाई करते हुए सेंसेक्स 1.82 फीसद की गिरावट के साथ 16,990.20 पर बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में लंदन स्टॉक एक्सचेंज का एफटीएसई 1001.75 फीसद लुढ़का जबकि जर्मनी का डैक्स 2.34 फीसद गिरा। इधर, फ्रांस का बेंचमार्क कैक दोपहर के कारोबार के दौरान 401.75 फीसद लुढ़ककर 3,221.32 पर पहुंच गया। उधर, रूसी शेयर भी दोपहर के कारोबार के दौरान करीब दो फीसद की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।