खास बातें
- जेट एयरवेज ने साल के अंत तक यात्रा के लिए न्यूनतम 2,250 रुपये में 20 लाख सीटों की मंगलवार को पेशकश की जिसके बाद सभी बजट एयरलाइंस इंडिगो, स्पाइसजेट और गोएयर इस प्रतिस्पर्धा में कूद गईं।
नई दिल्ली: हवाई किराए घटाने को लेकर प्रतिस्पर्धा बुधवार को और तेज हो गई। सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया भी इस होड़ में शामिल हो गई है।
जेट एयरवेज ने साल के अंत तक यात्रा के लिए न्यूनतम 2,250 रुपये में 20 लाख सीटों की मंगलवार को पेशकश की जिसके बाद सभी बजट एयरलाइंस इंडिगो, स्पाइसजेट और गोएयर इस प्रतिस्पर्धा में कूद गईं।
एयर इंडिया ने आज शाम एक विशेष किराए की पेशकश की जिसके तहत घरेलू उड़ानों पर एक तरफ के नियमित किराए में कंपनी 40 प्रतिशत तक छूट दी देगी।
दिल्ली-मुंबई रूट पर अप्रैल के मध्य में एक तरफ की यात्रा के लिए इकोनॉमी क्लास में एयर इंडिया द्वारा 3,201 रुपये, इंडिगो द्वारा 3,340 रुपये, जेट एयरवेज द्वारा 3,350 रुपये और स्पाइसजेट द्वारा 4,426 रुपये के किराए की पेशकश की जा रही है।
वहीं, दिल्ली-चेन्नई रूट पर एयर इंडिया 3,701 रुपये, इंडिगो 3,840 रुपये, जेट एयरवेज 3,850 रुपये, जेट कनेक्ट 4,008 रुपये और स्पाइसजेट 4,714 रुपये के किराए की पेशकश कर रही है।
इसी तरह, दिल्ली-कोलकाता रूट पर एयर इंडिया 3,201 रुपये, इंडिगो 3,241 रुपये, स्पाइसजेट 4,662 रुपये और जेट कनेक्ट 4,663 रुपये के किराए की पेशकश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि किराए घटाने की होड़ पिछले महीने स्पाइसजेट ने शुरू की जिसमें उसने सीमित अवधि के लिए 2,013 रुपये में 10 लाख सीटों की पेशकश की थी।
ट्रैवेल पोर्टल एक्सपीडिया के कंट्री हेड विक्रम मल्ही ने कहा कि किराए घटने से विमानन कंपनियों को अपनी सीटें भरने में मदद मिलेगी।