यह ख़बर 05 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

दुनियाभर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट

खास बातें

  • अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट ने भारत और जापान समेत अन्य एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया है।
न्यूयॉर्क:

2008 की मंदी के बाद गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार का सबसे बुरा दिन रहा। न्यूयॉर्क के डाओ जोन्स में 500 अंक यानी करीब चार फीसदी की गिरावट आई। अमेरिका के साथ-साथ यूरोप के शेयर बाजार भी हिचकोले खाते नजर आए। लंदन के शेयर बाजार भी करीब साढ़े तीन फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिका और यूरोप में आर्थिक मंदी की आशंका से डरे निवेशकों ने जमकर बिकवाली की है, जिससे बाजार औंधे मुंह गिरे। यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष जोस मैन्युल ने चेतावनी देते हुए यूरोपीय देशों में कर्ज संकट के तेजी से फैलने की बात कही थी। पिछले कुछ समय से ग्रीस समेत कई यूरोपीय देश कर्ज चुकाने के संकट से जूझ रहे हैं और चिंता जताई जा रही है कि स्पेन और इटली भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट ने भारत और जापान समेत अन्य एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। सेंसेक्स शुक्रवार को 400 अंकों से ज्यादा नीचे चला गया है, जबकि निफ्टी में भी 130 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है। अमेरिका में बिकवाली को देखते हुए भारतीय बाजारों में भी बिकवाली शुरू हो गई है। निवेशक सुरक्षित जगह पैसा लगाना चाहते हैं। जापान के निक्केई में भी साढ़े तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी चार फीसदी से ज्यादा गिरा है।


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