यह ख़बर 11 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

आईआईपी के आंकड़ें से मंदी के संकेत : आरबीआई

खास बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने शुक्रवार को कहा कि मार्च महीने के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में गिरावट से मंदी के संकेत मिलते हैं जो चिंताजनक है।
बैंगलुरू:

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर सुबीर गोकर्ण ने शुक्रवार को कहा कि मार्च महीने के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में गिरावट से मंदी के संकेत मिलते हैं जो चिंताजनक है।

एक औद्योगिक सम्मेलन के मौके पर गोकर्ण ने संवाददाताओं से कहा, "हम पिछले कुछ समय से आईआईपी के आंकड़ों को लेकर चिंता जता रहे हैं, यद्यपि विकास की स्थिति को दिखाने वाले इस एक मात्र सूचकांक से सम्भवत: स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो रही। हम अन्य कारकों जैसे 'पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स' (पीएमआई), हमारे खुद के सर्वेक्षणों और कारपोरेट जगत के विश्लेषणों पर विचार करते हैं।"

शुक्रवार को ही जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने में औद्योगिक उत्पादन में 3.5 फीसदी की कमी आई। आंकड़ों के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में औसत औद्योगिक विकास की दर 2.8 फीसदी रही जबकि इससे पूर्व के वित्त वर्ष में यह दर 8.2 फीसदी थी।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के दक्षिण क्षेत्र के सदस्यों के साथ एक बैठक के बाद गोकर्ण ने कहा, "उत्पादन में गिरावट से एक घोर मंदी या कुछ और का संकेत मिलता है, इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं कह सकता। हमें वापस जाना होगा और उन सभी कारकों का विश्लेषण करना होगा, जिसपर हम नजर रखते हैं।"