खास बातें
- दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट ने उसके आदेश के बावजूद आइडिया सेल्युलर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए उसे आदित्य बिड़ला समूह को मुकदमे की लागत का भुगतान करने को कहा है।
नई दिल्ली: दूरसंचार न्यायाधिकरण टीडीसैट ने उसके आदेश के बावजूद आइडिया सेल्युलर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाने के लिए सरकार की आलोचना करते हुए उसे आदित्य बिड़ला समूह को मुकदमे की लागत का भुगतान करने को कहा है। इसके साथ ही न्यायाधिकरण ने इस अतिरिक्त मांग को खारिज कर दिया है।
टीडीसैट के चेयरमैन एस बी सिन्हा की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि उसने पिछले साल दिसंबर में ही आइडिया सेल्युलर पर जुर्माने के आदेश को रद्द कर दिया था। टीडीसैट ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने यह जुर्माना लगाते समय प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का पालन नहीं किया।
टीडीसैट ने पूछा कि उसके पहले के आदेश के अनुपालन के बिना डॉट ने आइडिया सेल्युलर पर किस तरह और जुर्माना लगाया है।
टीडीसैट ने कहा कि हमें इसकी कोई वजह नजर नहीं आती है कि 5 दिसंबर, 2011 के हमारे आदेश को पूरा किए बिना नई मांग कैसे बनाई गई और इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त का अनुपालन भी नहीं हुआ। दोनों पक्षों के बीच मुख्य मुद्दा वही है।
टीडीसैट ने कहा, ‘‘ऐसे में हमारा विचार है कि यह नई मांग सही नहीं है। इसे खारिज किया जाता है।’’ साथ ही न्यायाधिकरण ने डॉट से आइडिया को मुकदमा लागत के रूप में 50,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है।