खास बातें
- डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी गिरावट थामने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा किए गए उपाय बाजार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने से शेयर बाजार आज शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद गिरावट लेकर बंद हुए।
मुंबई: डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी गिरावट थामने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा किए गए उपाय बाजार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने से शेयर बाजार आज शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद गिरावट लेकर बंद हुए।
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स कारोबार के दौरान एक समय सात सप्ताह के उच्च स्तर 17,132.15 अंक को छू गया। लेकिन सरकारी बांडों में एफआईआई की निवेश सीमा बढ़ाकर 20 अरब डॉलर किए जाने और घरेलू कंपनियों को रुपये का बकाया कर्ज चुकाने के लिए विदेशों से 10 अरब डालर तक उधारी जुटाने की अनुमति देने के बाद बाजार में तेजी थम गई और सेंसेक्स 90.35 अंक टूटकर 16,882.16 अंक पर बंद हुआ।
इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 31.40 अंक कमजोर होकर 5,114.65 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल 30 में से 21 कंपनियों के शेयर टूटकर बंद हुए। ब्रोकरों ने कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए जिन उपायों की घोषणा की वे बाजार के अनुमान से कम थे। बिकवाली की मार सबसे अधिक बैंकिंग, वाहन, धातु और रीयल एस्टेट कंपनियों के शेयरों पर पड़ी। डालर के मुकाबले रुपया मजबूती के साथ खुला, लेकिन रिजर्व बैंक द्वारा उपायों की घोषणा किए जाने के तुरंत बाद यह टूटकर 57.92 के स्तर पर आ गया।