खास बातें
- रुपये में तेज गिरावट, कमजोर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय संकेतों तथा इस माह के डेरिवेटिव्ज सौदों का इस सप्ताह निपटान होने से शेयर बाजार में भारी-उतार चढ़ाव रहने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का यह मानना है।
मुंबई: रुपये में तेज गिरावट, कमजोर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय संकेतों तथा इस माह के डेरिवेटिव्ज सौदों का इस सप्ताह निपटान होने से शेयर बाजार में भारी-उतार चढ़ाव रहने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का यह मानना है।
इनवेंचर ग्रोथ एंड सिक्योरिटीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नागजी के रीता ने कहा, 'डॉलर में मजबूती तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों के नकारात्मक समाचारों के कारण इस सप्ताह बाजार में चुनौतियां पेश आती रहेंगी। इस सप्ताह निफ्टी को 5,085-5,050 के स्तर पर समर्थन मिलेगा जबकि 5,190-5,300 अंक के स्तर पर इसे अवरोध का सामना करना पड़ सकता है। बाजार विश्लेषकों ने कहा है कि गुरुवार को वायदा एवं विकल्प की समयसीमा की समाप्ति के मद्देनजर बाजार में भारी उतार चढ़ाव की उम्मीद है और इसलिए निवेशकों को सतर्कता का रुख अख्तियार करना चाहिये।
बोनांजा पोर्टफोलियो के उपाध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा, चूंकि बाजार में वायदा एवं विकल्प की समयसीमा की समाप्ति का वक्त है इसलिए भारी उतार चढ़ाव की अपेक्षा को देखते हुए सतर्कता का रुख अपनाये जाने की सिफारिश की जाती है। निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण अवरोध 5,195-5,205 के स्तर पर है और इससे ऊपर बंद होने की स्थिति में बाजार का मध्यावधि रुख में तेजी आयेगी। तब तक उतार चढ़ाव का सत्र चलने की उम्मीद की जा सकती है। इसके अलावा मानसूनी बरसात की प्रगति पर नजदीकी निगाह रखी जाएगी। मानसून की बरसात कृषि उत्पादन और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
इस बीच विशेषकर तेल आयातक कंपनियों की भारी डालर मांग के कारण शुक्रवार को रुपया 57.37 रुपये प्रति डॉलर के सर्वकालिक निम्न स्तर को छू गया लेकिन बाद में इस वर्ष की 85 पैसों की सबसे बड़ी गिरावट दर्शाता 57.15 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वैश्विक मोर्चे पर यूरोपीय संघ की महत्वपूर्ण बैठक 28 और 29 जून, 2012 को होनी है जिसमें जारी यूरोपीय ऋण संकट के बारे में विचार विमर्श किया जायेगा। इस बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सप्ताहांत में 23 अंकों की तेजी के साथ 16,972.51 अंक पर बंद हुआ।