खास बातें
- हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 0.51 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई जिससे सेंसेक्स के नुकसान की कुछ भरपाई हो पाई।
मुंबई: घरेलू अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटने की आशंका से कोषों ने रीयल एस्टेट, बैंकिंग और आईटी शेयरों की बिकवाली की, जिससे बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 204 अंक लुढ़ककर पांच सप्ताह के निचले स्तर 18,110 अंक पर आ गया। इसके अलावा बाजार पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार की धीमी गति का असर भी दिखाई दिया। इधर, घरेलू मोर्चे पर प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने चालू वित्त वर्ष के आर्थिक वृद्धि के अपने पहले के नौ प्रतिशत के अनुमान को घटाकर 8.2 प्रतिशत कर दिया। इसस निवेशकों का उत्साह कुछ ठंडा पड़ गया। सेंसेक्स में सोमवार को 117 अंक की तेजी दर्ज हुई थी। मंगलवार को यह 204.44 अंक की गिरावट के साथ 18,109.89 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 60.25 अंक घटकर 5,500 अंक से नीचे 5,456.55 अंक पर आ गया। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 0.51 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई जिससे सेंसेक्स के नुकसान की कुछ भरपाई हो पाई। अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता का सबसे ज्यादा असर आईटी निर्यातकों पर पड़ा है। देश के आईटी निर्यात में अमेरिका और यूरोप की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा बैठती है। आईटी सूचकांक में डेढ़ प्रतिशत की गिरावट आई। प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस का शेयर दो प्रतिशत लुढ़क गया, जबकि टीसीएस के शेयर में 0.26 प्रतिशत और विप्रो में 2.37 फीसद की गिरावट आई। रीयल्टी क्षेत्र के सूचकांक में सबसे ज्यादा 2.09 प्रतिशत तथा धातु में 1.83 प्रतिशत और बैंकिंग में 1.71 फीसद की गिरावट दर्ज की गई।