यह ख़बर 12 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

धोखेबाज कर्मचारियों के खिलाफ महिंद्रा सत्यम का अभियान

खास बातें

  • आईटी कंपनी महिंद्रा सत्यम ने जाली प्रमाणपत्र तथा धोखाधड़ी से संगठन में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ देशभर में अभियान छेड़ दिया है।
हैदराबाद:

आईटी क्षेत्र की कंपनी महिंद्रा सत्यम ने जाली प्रमाणपत्र तथा धोखाधड़ी से संगठन में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ देशभर में अभियान छेड़ दिया है। महिंद्रा सत्यम के मुख्य संपर्क अधिकारी (सीपीओ) हरि टी ने कहा कि देश में काम कर रहे कंपनी के 21,000 कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने चेताते हुए कहा कि यदि किसी कर्मचारी को जाली प्रमाणपत्रों के जरिये नौकरी पाने का दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला चलेगा। हरि ने बताया कि कंपनी के हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु कार्यालयों में धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि इन धोखेबाज कर्मचारियों ने कंपनी की जांच की प्रक्रिया से भी छेड़छाड़ का प्रयास किया। हरि ने कहा कि संदिग्ध कर्मचारियों की हम कई तरह से छानबीन कर रहे हैं। हमने अपनी पृष्ठभूमि की जांच करने वाली एजेंसियों से कहा है कि वे निजी रूप से उन कार्यालयों में जाएं, जहां काम करने का दावा किसी उम्मीदवार द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस तरह की जांच को लेकर काफी गंभीर है। उसने सात लोगों के खिलाफ मामले दायर किए हैं। साथ ही तीन दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामले दायर करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संगठनों के अनुभव प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए जाने के बाद यह मामला पकड़ में आया है। इस घटना के मद्देनजर सत्यम ने उन सभी कर्मचारियों की जांच करने का फैसला किया है, जिन्होंने इन संगठनों में काम करने का दावा किया है। एक और तरीके की धोखाधड़ी की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कुछ लोगों से पैसा लेकर उन्हें महिंद्रा सत्यम का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। जब वे नियुक्ति पत्र लेकर यहां आए, तो पता चला कि यह जाली है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है, इससे विदेशी भागीदारों की सुरक्षा चिंता भी बढ़ सकती है। हरि ने कहा कि कंपनी ने कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच के लिए तीन एजेंसियों की नियुक्ति की है।


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