खास बातें
- एक चौथाई कंपनियों का मानना है कि पिछले पांच साल में प्रबंधकीय स्तर के उनके कर्मचारियों के वेतन या तो स्थिर रहे हैं या फिर इसमें गिरावट आई।
मुंबई: देश में किए गए एक सर्वे में एक चौथाई कंपनियों का मानना है कि पिछले पांच साल में प्रबंधकीय स्तर के उनके कर्मचारियों के वेतन या तो स्थिर रहे हैं या फिर इसमें गिरावट दर्ज की गई है। टावर्स वाटसन के ग्लोबल टैलेंट मैनेजमेंट एंड रिवार्डस स्टडी, 2010 के अनुसार लिपिक, प्रशासनिक और अन्य छोटे कर्मचारी (घंटे के आधार पर भुगतान पाने वाले) सबसे अधिक प्रभावित हुए। सर्वे में 25 फीसद कंपनियों ने कहा कि वास्तविक वेतन या तो स्थिर रहा या फिर इसमें गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि पिछले पांच साल में प्रबंधकीय स्तर के कर्मचारियों के वास्तविक वेतन में कमी या स्थिरता का प्रभाव जापानी, अमेरिकी और चीनी कंपनियों में ज्यादा रही। जहां जापानी कंपनियों के मामले में यह 71 फीसद रही वहीं अमेरिकी चीनी कंपनियों के संदर्भ में क्रमश: 59 फीसद और 47 फीसद रहा। अध्ययन में कहा गया है, हालांकि भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने के मामले में चीन के बाद दूसरा प्रमुख देश लेकिन उच्च मुद्रास्फीति के कारण वास्तविक मजदूरी स्थिर रही या इसमें गिरावट दर्ज की गई।