यह ख़बर 19 अक्टूबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

रुपये में तेजी से तेल कंपनियों का नुकसान हुआ कम

खास बातें

  • अमेरिकी डॉलर में रुपये में तेजी से खुदरा कारोबार करने वाली सरकारी तेल कंपनियों को पिछले एक महीने में 16,000 करोड़ रुपये का नुकसान कम करने में मदद मिली।
नई दिल्ली:

अमेरिकी डॉलर में रुपये में तेजी से खुदरा कारोबार करने वाली सरकारी तेल कंपनियों को पिछले एक महीने में 16,000 करोड़ रुपये का नुकसान कम करने में मदद मिली।

सरकारी तेल कंपनियों ने सितंबर की शुरुआत में डीजल और रसोई गैस की बिक्री के संबंध में चालू वित्त वर्ष के दौरान 1,78,491 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान जाहिर किया था। हालांकि 14 सितंबर को खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की मंजूरी दिए जाने के बाद रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी आ रही है, जिससे तेल आयात आंशिकतौर पर सस्ता हुआ है।

रुपया इस महीने के पहले पखवाड़े में मजबूत होकर 52.54 रुपये पर पहुंच गया जबकि सितंबर के पहले पखवाड़े में यह 55.59 रुपये पर पहुंच गया।

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उद्योग के सूत्रों ने बताया कि इससे वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान नुकसान के अनुमान को घटाकर 1,62,375 करोड़ रुपये करने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि यदि यह रुझान जारी रहा तो राजस्व के नुकसान का अनुमान उल्लेखनीय रूप से कम होगा।