खास बातें
- हालांकि, रीयल एस्टेट कंपनियों और सलाहकारों का मानना है कि घर की मांग और कीमतों में कोई बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में चौथाई फीसद की वृद्धि से संपत्ति बाजार की धारणा कुछ प्रभावित होगी। हालांकि, रीयल एस्टेट कंपनियों और सलाहकारों का मानना है कि घर की मांग और कीमतों में कोई बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। जोंस लैंग लासाले इंडिया के चेयरमैन एवं कंट्री हेड अनुज पुरी ने कहा, रेपो और रिवर्स रेपो दर दोनों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि से मांग की धारणा पर असर पड़ेगा, पर वास्तव में इससे मांग में कमी नहीं आएगी। पुरी ने कहा कि हो सकता है कि घर के खरीदार अपने निर्णय में कुछ विलंब करें और इससे सौदा पूरा होने में देरी हो। मकान की कीमतों के बारे में पूछे जाने पर पुरी ने कहा कि मेट्रो शहरों में इससे कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा। डीएलएफ समूह के कार्यकारी निदेशक राजीव तलवार ने कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मजबूत है। ऐसे में प्रापर्टी की मांग और कीमतों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। तलवार ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ब्याज दरों में वृद्धि होगी। पार्श्वनाथ डेवलपर के चेयरमैन प्रदीप जैन ने कहा कि दरों में वृद्धि का लघु अवधि के लिए कुछ असर हो सकता है, पर इसका मांग पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। एसोटेक के प्रबंध निदेशक संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि नीतिगत दरों में वृद्धि की संभावना थी। इससे संपत्ति बाजार की धारणा थोड़ी प्रभावित होगी, पर इसका मांग पर कोई खास असर नहीं होगा क्योंकि नोएडा सहित कई बाजारों में घर की कीमतें काफी प्रतिस्पर्धी हैं।