खास बातें
- प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री रवि ने विविध क्षेत्रों के पेशेवरों और उद्यमियों का देश के विकास में हाथ बंटाने और उससे लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
नई दिल्ली: दुनियाभर के 130 देशों में फैले देश के लगभग 2.5 करोड़ प्रवासियों से जुड़ने के लिए आयोजित किए जा रहे नौवें सलाना सम्मेलन की शुरुआत प्रवासियों से वापस अपनी जड़ों की ओर मुड़ने और देश में फैले अवसरों का मिलकर दोहन करने के आह्वान के साथ की गई। प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि ने सरकार की ओर से विविध क्षेत्रों के पेशेवरों और उद्यमियों का देश के विकास में हाथ बंटाने और उससे लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। रवि ने 51 देशों के लगभग 1,500 प्रवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे प्रवासियों से साझा अभिरुचि के क्षेत्रों की तलाश करने और उस क्षेत्र में काम करने के लिए आमंत्रित करते हें। उन्होंने खास तौर से युवा प्रवासी भारतीयों को इसके लिए आमंत्रित किया। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने प्रवासियों को शिक्षा के क्षेत्र में हाथ बंटाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सर्वाधिक महत्वपूर्ण गठजोड़ प्रवासी भारतीयों के साथ हो सकता है, जो अवसरों की खोज में भारत से बाहर गए थे और अब नए अवसरों के साथ देश में वापस आ सकते हैं। सिब्बल के मुताबिक भारत उच्च शिक्षा में दाखिला को वर्तमान 12 फीसदी से बढ़ाकर 2020 तक 20 फीसदी करना चाहता है। इसके लिए 1000 नए विश्वविद्यालयों और 45,000 नए महाविद्यालयों की जरूरत होगी। सिब्बल ने कहा कि भारत शिक्षा के क्षेत्र को खोलना चाहता है। उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालय विधेयक भी संसद में विचाराधीन है। इसके पारित हो जाने के बाद विदेशी विश्वविद्यालय भारत को शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि विधेयक को संसद में पारित करा लिया जाएगा। इस सम्मेलन को शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सम्बोधित करेंगे और रविवार को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाले प्रवासी भारतीयों को सम्मानित करेंगी। इस वर्ष का सम्मेलन पूर्वोत्तर राज्यों पर केंद्रित है। सम्मेलन को विभिन्न मंत्री और मुख्यमंत्री भी सम्बोधित करेंगे। न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल आनंद सत्यानंद इस वर्ष सम्मेलन के मुख्य अतिथि हैं। प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा ने कहा, "हम 12वीं पंचवर्षीय योजना में शिक्षा पर करीब 100 अरब डॉलर खर्च करने जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अधिक निवेश की खातिर निजी और प्रवासियों के लिए द्वार खुले रखे हैं। पित्रोदा ने कहा, "हमारी मंशा शिक्षा व्यवस्था को उदार बनाने की है। 1991 में हमने अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए जो किया, वह अब शिक्षा के लिए करने की जरूरत है।" उन्होंने प्रवासी भारतीयों से भारत के शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने को कहा। पित्रोदा ने कहा, "इस क्षेत्र में निजी निवेश केव्यापक सुअवसर हैं। मौका स्थानीय निवेशकों और प्रवासियों के लिए हैं।" उल्लेखनीय है कि नौवें प्रवासी दिवस समारोह में 15,00 से अधिक प्रवासी भारतीय भाग ले रहे हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की संख्या से 20 प्रतिशत अधिक है।