यह ख़बर 11 अगस्त, 2011 को प्रकाशित हुई थी

रेटिंग एजेंसियों पर निगाह रखेगा सेबी

खास बातें

  • बाजार नियामक सेबी ने साख निर्धारक एजेंसियों की भूमिका तथा उनके कारण बाजार को जोखिम से जुड़े पहलुओं पर 'कड़ी निगाह' रखने का फैसला किया है।
नई दिल्ली:

बाजार नियामक सेबी ने साख निर्धारक एजेंसियों की भूमिका तथा उनके कारण बाजार को जोखिम से जुड़े पहलुओं पर 'कड़ी निगाह' रखने का फैसला किया है। नियामक इन कंपनियों के नियमों में आवश्यक बदलाव भी करेगा। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने यह फैसला रेटिंग एजेंसी एसएंडपी द्वारा रेटिंग घटाए जाने के बाद अमेरिका के आर्थिक मोर्चे पर मची हायतौबा तथा दुनिया भर के शेयर बाजारों पर उसके असर को देखते हुए किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नियामक इस बारे में घरेलू तथा वैश्विक घटना्रकम पर निगाह रखतमे हुए क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए बनी नियमों की पुनर्समीक्षा करेगा। सेबी बोर्ड की पिछली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और नियामक आवश्यक बदलावों का प्रस्ताव करेगा। उल्लेखनीय है कि किसी कंपनी विशेष को दी गई रेटिंग से अमुक कंपनी की ऋण के लिहाज से साख तथा जुड़े जोखिम को दर्शाती है। भारत में इस तरह की एजेंसियों पर निगरानी नियमन का काम सेबी करता है। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) ने बीते शुक्रवार को अमेरिका की सरकारी ऋण साख रेटिंग को ट्रिपल ए से घटाकर डबल ए प्लस कर दिया था।


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