खास बातें
- आर्थिक सलाहकार परिषद ने मुद्रास्फीति के 7% पर आने का इंतजार किए बिना डीजल की कीमत को नियंत्रण मुक्त किए जाने की वकालत की है।
New Delhi: प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने मुद्रास्फीति कम होकर 7 प्रतिशत पर आने का इंतजार किए बिना डीजल की कीमत को नियंत्रण मुक्त किए जाने की वकालत की है। परिषद का कहना है कि सब्सिडी घटाने तथा 2011-12 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 4.6 प्रतिशत के स्तर पर रखने के लिए यह जरूरी है। पीएमईएसी के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा, मुझे अब तक लगता था कि मुद्रास्फीति के घटकर 7 प्रतिशत पर आने के बाद डीजल मूल्य को नियंत्रण मुक्त किया जाना चाहिए...लेकिन महंगाई दर में कमी आने में समय लग रहा है और तेल विपणन कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है। इस पर विचार करना होगा। तेल कंपनियों को दिल्ली में मौजूदा 37.75 रुपये प्रति लीटर डीजल बेचने पर 18.19 रुपये का नुकसान हो रहा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पर रंगराजन ने कहा कि जब तक मुद्रास्फीति नीचे नहीं आती, उच्च नीतिग दरें जारी रह सकती हैं। मुद्रास्फीति कुछ नरम हुई है, लेकिन यह अभी ऊंची बनी हुई हैं। अप्रैल महीने में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 8.66 प्रतिशत रही।