यह ख़बर 25 जनवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

RBI के कदम से मुद्रास्फीति पर अंकुश लगेगा : प्रणब

खास बातें

  • वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा नीतिगत कदमों का स्वागत करते हुए कहा कि ये कदम सरकार की नीतियों के अनुकूल हैं।
New Delhi:

वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा नीतिगत कदमों का स्वागत करते हुए कहा कि ये कदम सरकार की नीतियों के अनुकूल हैं और इससे महंगाई के दबाव से लड़ने में मदद मिलेगी तथा बैंकों से बाजार में काम-धंधे के लिए कर्ज भी सुलभ बना रहेगा। रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक और ऋण नीति की तिमाही समीक्षा में अल्पकालिक ब्याज दरें 0.25 प्रतिशत बढ़ा दी हैं, पर बैंकों पर लागू नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को पूर्ववत रखा। इस कदम से रिजर्व बैंक की रेपो दर (जिस दर पर वह बैंकों को फौरी जरूरत के लिए धन देता है) 6.5 प्रतिशत तथा रिवर्स रेपो (जिस पर अल्पकालिक नकदी लेता है) 5.5 प्रतिशत हो गई है। वित्तमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, यह मुद्रास्फीति के दबाव का मुकाबला करने का मजबूत संकेत है...और यह सरकार की नीतियों के अनुकूल है। हम इसका स्वागत करते हैं। मुखर्जी ने कहा कि रेपो और रिवर्स रेपो दरों को बढ़ाने और दोनों के बीच एक प्रतिशत का अंतर रखने का निर्णय बिल्कुल सही फैसला है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ने बैंकों की नकदी पर अपने नियंत्रण (सीआरआर) को नहीं बढ़ाया है तथा सांविधिक तरलता अनुपात में एक प्रतिशत की कमी तथा बैंकों के पास नकदी बढ़ाने की अन्य रियायतों की अवधि 8 अप्रैल तक बढ़ा दी है। वित्तमंत्री ने कहा कि इससे बाजार में कारोबार के लिए बैंकों से पर्याप्त धन सुलभ होता रहेगा।


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