खास बातें
- वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने खाद्य पदार्थों की तेजी से बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में कोई संकेत नहीं दिया।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने खाद्य पदार्थों की तेजी से बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने सरकार की तरफ से निकट भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में कोई संकेत नहीं दिया। श्वेतकारी संगठन प्रमुख शरद जोशी ने कहा महाराष्ट्र में इस बार बेमौसमी वर्षा से प्याज की 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई। यह प्राकृतिक आपदा है। ऐसी स्थिति में महंगाई को कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा पैदावार आयेगी तो दाम अपने आप नीचे आ जाएंगे। इसमें घोटाला अथवा साठगांठ कहां है। प्याज ऐसी वस्तु नहीं, जिसें गोदामों में महीनों छुपाकर रखा जा सके। नासिक का प्याज तो एक सप्ताह में ही खराब हो जायेगा। इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट के एशिया क्षेत्र के निदेशक अशोक गुलाटी ने वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं को बताया अर्थतंत्र में नकदी की आपूर्ति तेजी से बढ़ी है। इससे मांग का जोर बढ़ा है। उन्होंने कहा चीन में भी यही हो रहा है। खाद्य मुद्रास्फीति वहां भी काफी बढ़ गई है। गुलाटी ने कहा कि लोगों की क्रय शक्ति बढी़ है। यह नकदी बढने से ही संभव हुआ है। इस पर अंकुश लगना चाहिए। उल्लेखनीय है कि खाद्य पदार्थों की महंगाई गत 25 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में सालभर के उच्च स्तर 18.32 प्रतिशत पर पहुंच गई। इससे एक सप्ताह पहले यह 14.44 प्रतिशत पर थी।