खास बातें
- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को एयर इंडिया कर्मियों को वेतन मिलने का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को एयर इंडिया कर्मियों को वेतन मिलने का आश्वासन दिया। लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में हस्तक्षेप करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी विमानन कम्पनी कठिन दौर से गुजर रही है, लेकिन सरकार इसके कर्मचारियों को बकाए वेतन के भुगतान का कोई रास्ता निकालेगी। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "एयर इंडिया गम्भीर समस्याओं से जूझ रही है यह एक सच्चाई है।" सदन में सरकार से यह पूछा गया था कि राष्ट्रीय विमानन कम्पनी को वित्तीय संकट से उबारने और उसके कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करने के बारे में वह क्या कर रही है, तो प्रधानमंत्री ने यह बात कही। एयर इंडिया के कर्मचारियों को जून माह से वेतन और मई से कार्यप्रदर्शन भत्ता नहीं मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा, "एयर इंडिया के पास वेतन का भुगतान करने के लिए संसाधन नहीं है। लेकिन सरकार कर्मचारियों को वेतन भुगतान करने के लिए शीघ्र ही कोई रास्ता निकालेगी।" दरअसल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री वायलार रवि के गले में दिक्कत के कारण प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणमूर्ति ने इस बारे में जवाब दिया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं, था इसलिए प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि मंत्रियों का एक समूह विमानन कम्पनी को वापस पटरी पर लाने के उपायों के बारे में विचार कर रहा है। एयर इंडिया को 1,200 करोड़ रुपये के सरकारी निवेश का इंतजार है। इसके अलावा विमानन कम्पनी को वीवीआईपी उड़ानों का संचालन के बकाए के तौर पर भी 530 करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। विमानन कम्पनी पर अभी कुल लगभग 40 करोड़ रुपये का कर्ज है, जो उसने नए विमान खरीदने के लिए और संचालन कार्य के लिए लिये थे। भारतीय जनता पार्टी की यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि उन्हें एयर इंडिया के कुछ कर्मचारियों ने बताया है कि उन्होंने कई महीनों से अपने कर्ज की मासिक किस्त तक जमा नहीं की है। उन्होंने मंत्री वायलार रवि से पूछा कि यदि आप कार या मकान के लिए कर्ज लेंगे, तो क्या बैंक मासिक किस्त के लिए उनके वेतन मिलने का इंतजार करेंगे? एयर इंडिया के घरेलू विमान उड़ाने वाले पायलटों को चार लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलता है, इसमें से 80 फीसदी का भुगतान कार्यप्रदर्शन के आधार पर होता है। अंतर्राष्ट्रीय उड़ान वाले पायलटों का कुल वेतन पांच लाख रुपये प्रति माह है। मध्य जुलाई में मंत्रियों के समूह ने विमानन कम्पनी में सुधार की योजना को आगे के लिए टाल दिया था। तब मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद वायलार रवि ने कहा था कि विमानन कम्पनी में और निवेश की योजना पर विचार करने के लिए मंत्रियों के समूह की बैठक फिर होगी। इस समूह की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी कर रहे हैं। रवि ने कहा था कि मंत्रियों का समूह में विमानन कम्पनी में निवेश के लिए सहमति बन गई थी। विमानन कम्पनी कुल 17,000 करोड़ रुपये का निवेश चाहती है, जिसमें से पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश सिर्फ इसी साल चाहती है। सरकार ने पिछले दो सालों में विमानन कम्पनी में चार हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा मौजूदा कारोबारी साल के बजट में भी विमानन कम्पनी में दो हजार करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया गया था। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के समूह से जल्द-से-जल्द अपनी सलाह देने के लिए कहा था।