यह ख़बर 28 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

वार्ता विफल, एयर इंडिया पायलटों की हड़ताल जारी

खास बातें

  • एयर इंडिया प्रबंधन ने दिल्ली उच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि हड़ताली पायलटों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जानी चाहिए।
नई दिल्ली:

प्रमुख श्रम आयुक्त (सीएलसी) की पहल पर एयर इंडिया के हड़ताली पायलटों और प्रबंधन के बीच वार्ता का नया दौर बृहस्पतिवार को असफल हो गया और हड़ताल के दूसरे दिन में प्रवेश कर जाने के चलते अनेक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित लगभग 60 विमानों की उड़ानें रद्द कर दी गई। एयर इंडिया प्रबंधन ने दिल्ली उच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि हड़ताली पायलटों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जानी चाहिए क्योंकि उन्होंने काम पर वापस आने संबंधी अदालत के आदेश का पालन नहीं किया। इस पर अदालत ने काम पर लौटने के आदेश का पालन नहीं करने वाले हड़ताली पायलटों की कड़ी आलोचना की। एयर इंडिया ने इंडियन कमर्शियल पायलट्स ऐसोसिएशन (आईसीपीए) को समर्थन देने के लिए कार्यकारी पायलट वी के भल्ला की सेवाओं को भी समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही बख्रास्त होने वाले काकपिट चालक दल सदस्यों की संख्या बढ़कर सात हो गयी है। सीएलसी एनके प्रसाद ने मंगलवार को वार्ता का पहला प्रयास असफल होने के बाद एयर इंडिया के प्रबंधन और यूनियन के साथ आज बातचीत के दूसरे दौर की शुरूआत की। पहले दौर की बातचीत के असफल होने के बाद आईसीपीए से संबद्ध 800 पायलट हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद प्रबंधन ने आईसीपीए की मान्यता रद्द कर दी, दिल्ली और मुंबई स्थित इसके कार्यालयों को सील कर दिया, छह पायलटों को बख्रास्त कर दिया और दो अन्य को निलंबित कर दिया। बैठक में प्रबंधन इस बात को लेकर अड़ा रहा कि वह रद्द मान्यता वाले श्रमिक संगठन के साथ वार्ता नहीं करेगा जबकि पायलटों ने अपने संगठन की मान्यता को बहाल करने, इसके कार्यालयों से सील हटाने और बख्रास्त तथा निलंबित कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की। विमानसेवा के प्रतिनिधियों ने यह कहते हुए पायलटों से वार्ता करने से इंकार कर दिया कि उनका संगठन मान्यता प्राप्त नहीं है और उन्होंने अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया है।


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